
Darbhanga News: खेतों से जब अन्न की जगह नशा उगने लगे तो समझिए मामला संगीन है। दरभंगा में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां गेहूं की आड़ में कहानी कुछ और ही चल रही थी। जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी गांव में गेहूं के खेत से अफीम जैसे संदिग्ध पौधे मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पौधों को जब्त कर एक सेवानिवृत्त शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
Darbhanga News: गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सिमरी थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक खेत से गेहूं की फसल के बीच से अफीम जैसे दिखने वाले पौधे बरामद हुए। यह जमीन एक सेवानिवृत्त शिक्षक राम नरेश सिंह की बताई जा रही है, जिनके खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि उन्हें रविवार को गुप्त सूचना मिली थी कि कुंवरपट्टी निवासी रामनरेश सिंह अपने खेत में अवैध रूप से नशीले पौधों की खेती कर रहे हैं।
सूचना की पुष्टि के लिए जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो रामविनय सिंह के घर के सामने वाले खेत में गेहूं की फसल के किनारे-किनारे कुछ संदिग्ध पौधे लगे दिखे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंहवाड़ा के अंचलाधिकारी को सूचित किया गया और अंचल अमीन विजय कुमार को भी मौके पर बुलाया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब अधिकारी खेत का निरीक्षण कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो गया। बाद में स्थानीय चौकीदार ने भागे हुए व्यक्ति की पहचान खेत मालिक रामनरेश सिंह के रूप में की।
खेत की मापी और पौधों का विनष्टीकरण
अंचल अमीन द्वारा की गई मापी में पाया गया कि लगभग 2 धुर (20×10 फीट) के क्षेत्र में यह अवैध अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच के लिए सैंपल के तौर पर लगभग 15 पौधे जब्त कर लिए हैं, जबकि बाकी बचे सभी पौधों को अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त किए गए सैंपलों को आगे की जांच के लिए नारकोटिक्स विभाग भेजा जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के फर्द बयान पर सेवानिवृत्त शिक्षक रामनरेश सिंह के खिलाफ सिमरी थाने में कांड संख्या 34/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट 1985 की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बिहार में इस तरह की खेती करना, उसका भंडारण या व्यापार करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है।
आरोपी ने दी अपनी सफाई
इस पूरे मामले पर जब खेत मालिक रामनरेश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जमीन बंटाई पर दे रखी है और खेती का काम बंटाईदार ही देखता है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने आपसी दुश्मनी के कारण उन्हें फंसाने के लिए खेत के किनारे ये पौधे लगा दिए होंगे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और नारकोटिक्स विभाग की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




