
विक्रमशिला सेतु: भागलपुर और सीमांचल को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सेतु एक बार फिर सुर्खियों में है। 3 मई की देर रात इस पुल का एक स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत स्थिति का हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को मरम्मत के कड़े निर्देश दिए हैं। आम लोगों की परेशानी कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी जोर-शोर से चल रही हैं।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह और सीएम का एक्शन
बिहार के भागलपुर जिले को सीमांचल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया) के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और असम से जोड़ने वाला प्रमुख विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब 3 मई को देर रात में क्षतिग्रस्त हो गया था। इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी ने संबंधित सभी वरीय पदाधिकारियों के साथ हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
इस अवसर पर जमीनी स्तर पर बीआरओ के जीएम, पुल निर्माण निगम एवं एनएच के वरीय अभियंतागण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सेतु के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता को हो रही आवागमन की असुविधा का त्वरित समाधान हो सके। उन्होंने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में कार्य कराने का भी निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आमजन के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था और राहत
हवाई सर्वेक्षण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था के तहत संचालित नाव सेवा का भी अवलोकन किया। वर्तमान में भागलपुर के बरारी घाट, बाबूपुर घाट से महादेवपुर घाट और नवगछिया तक नावों/जेटी के माध्यम से लोगों को आवागमन की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आमजनों को काफी राहत मिल रही है। सरकारी नाव पर निशुल्क यातायात की व्यवस्था है, जबकि निजी नावों के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपये, प्रति बाइक 50 रुपये और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 25 रुपये का दर निर्धारित किया गया है। यह दर सूची घाट पर अनेक जगहों पर प्रदर्शित की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
घाट पर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा
नाव घाटों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। घाटों पर प्रकाश, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षाकर्मी, एम्बुलेंस, राहत शिविर और शौचालय की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, दंडाधिकारी एवं पुलिस बल भी प्रतिनियुक्त हैं ताकि क्षमता के अनुरूप ही नाव/जेटी पर लोगों को भेजा जा सके और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके। इस अवसर पर बरारी घाट पर जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव, उप विकास आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त श्री किसलय कुशवाहा सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







