
Bhagalpur Drowning: गंगा की लहरों में जब खुशियों का ताना-बाना बिखर गया और जीवन का उत्सव पल भर में मातम में बदल गया। भागलपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मुंडन संस्कार के दौरान एक ही परिवार के तीन युवकों की जल समाधि हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा भागलपुर जिले के नौगछिया अनुमंडल क्षेत्र में हुआ। परिवार के सदस्य एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने गंगा घाट पर पहुंचे थे। स्नान के दौरान चार लोग गहरे पानी में चले गए, जिनमें से तीन युवकों की मौत हो गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से एक महिला को सकुशल बचा लिया गया।
मृतकों की पहचान नया टोला ओलपुरा के रहने वाले नंदलाल साह के 26 साल के बेटे कृष्ण कुमार, शालिग्राम साह के 24 साल के बेटे सनी कुमार और 26 साल के बॉबी कुमार के रूप में हुई है। वहीं, बचाई गई महिला की पहचान तीनों मृतकों की बुआ 35 साल की रुक्मणी देवी के रूप में की गई है। बॉबी और सन्नी सगे भाई हैं, जबकि कृष्ण कुमार दोनों का चचेरा भाई था।
Bhagalpur Drowning: आखिर कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धार्मिक अनुष्ठान के बाद सभी परिजन गंगा में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान घाट पर अचानक पानी गहरा होने के कारण एक ही परिवार के चार लोग अनियंत्रित होकर डूबने लगे। इनमें तीन युवक और एक महिला शामिल थीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से महिला को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीनों युवकों को बचाया नहीं जा सका। जब तक उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, उनकी साँसें थम चुकी थीं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आवश्यक कदम उठाए हैं।
घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करती है। हर साल मुंडन संस्कार और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसे हादसे होते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटों पर चेतावनी बोर्ड, गहरे पानी की पहचान और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती अत्यंत आवश्यक है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस दुखद त्रासदी ने मुंडन संस्कार जैसे पवित्र आयोजन को एक गहरे दर्द में बदल दिया है। खोए हुए तीनों युवकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे भागलपुर में इस घटना को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।

