
LPG Cylinder: रसोई की आग ठंडी पड़ जाए, तो घर की रौनक भी फीकी पड़ जाती है। कुछ ऐसा ही नज़ारा जाले में देखने को मिला, जहां गैस सिलेंडरों की कमी की अफवाह ने महिलाओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दीं। गुरुवार को जब अधिकारी जांच के लिए पहुंचे तो उपभोक्ताओं का हुजूम देखकर वे भी हैरान रह गए।
जाले में LPG Cylinder की किल्लत? गैस एजेंसी पर उमड़ी महिलाओं की भीड़, अधिकारी के सामने छलका दर्द
जाले नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन भी गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गुरुवार को विपणन पदाधिकारी (एमओ) उमाशंकर दास ने भारत पेट्रोलियम के वितरक ‘देवी मां गैस एजेंसी’ का औचक निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की मीलों लंबी कतारें लगी हुई हैं, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की थी। हर किसी के चेहरे पर गैस खत्म होने की चिंता और जल्द से जल्द सिलेंडर पाने की जद्दोजहद साफ नजर आ रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एजेंसी के मालिक और कर्मचारी लोगों को समझाने-बुझाने और व्यवस्था को सुचारू करने में जुटे हुए थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमओ उमाशंकर दास सीधे गैस गोदाम पहुंचे। वहां उन्होंने सिलेंडरों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। इसी दौरान उनकी नजर एक चार पहिया मालवाहक वाहन पर पड़ी, जो 36 भरे हुए गैस सिलेंडरों के साथ गोदाम से निकल रहा था। अधिकारी ने तुरंत वाहन को रुकवाया और चालक से आपूर्ति से संबंधित कागजात और जानकारी मांगी। जांच में यह पाया गया कि सभी सिलेंडर आसपास के इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए ही भेजे जा रहे थे, जिसके बाद वाहन को जाने दिया गया। इस पूरी कार्रवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि सिलेंडरों की कालाबाजारी न हो रही हो।
एजेंसी मालिक ने बताई ऑनलाइन बुकिंग की दिक्कत
गोदाम से जांच पूरी करने के बाद एमओ एक बार फिर गैस एजेंसी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां हालात जस के तस थे। उपभोक्ताओं की भीड़ कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी। एमओ को देखते ही एजेंसी के मालिक ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऑनलाइन बुकिंग में आ रही तकनीकी परेशानियों के कारण लोगों में घबराहट फैल गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही गैस सिलेंडरों से भरा एक और ट्रक पहुंचने वाला है, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। एजेंसी प्रबंधन का प्रयास था कि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उपभोक्ताओं की भारी भीड़ और हंगामे जैसे माहौल को देखते हुए विपणन पदाधिकारी उमाशंकर दास बिना कोई विस्तृत जांच किए ही वहां से लौट गए। हालांकि, उन्होंने एजेंसी मालिक को जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने और उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर करने के निर्देश दिए। फिलहाल, उपभोक्ताओं को एजेंसी के आश्वासन पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह होगा कि ऑनलाइन बुकिंग की समस्या कब तक दूर होती है और लोगों को कब इस परेशानी से निजात मिलती है।






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