
LPG Gas Cylinder: भागलपुर की सड़कों पर गैस सिलेंडर के लिए लगी कतारें सरकार के दावों की पोल खोल रही हैं, जहां जनता परेशान है, वहीं प्रशासन ‘सब ठीक है’ का राग अलाप रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आंच अब आम लोगों के किचन तक पहुंच गई है। बिहार के भागलपुर समेत कई जिलों में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर संकट गहराता जा रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की मीलों लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जो घंटों इंतजार करने को विवश हैं। लोगों का आरोप है कि गैस के लिए नंबर लगाने के बाद भी उन्हें हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनके घरों का बजट और व्यवस्था दोनों चरमरा गई है।
क्या है LPG Gas Cylinder संकट का सच?
भागलपुर के गैस गोदामों पर लोगों की भारी भीड़ इस संकट की जीती-जागती तस्वीर पेश कर रही है। स्थिति यह है कि लोगों को एक सिलेंडर के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कुछ उपभोक्ता बताते हैं कि वे पिछले 15 से 20 दिनों से लगातार प्रयास कर रहे हैं, तब जाकर उन्हें सिलेंडर मिल पा रहा है। कई लोगों को तो सुबह से दोपहर तक, यानी तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस पूरी जद्दोजहद के बीच आम आदमी पिस रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों की परेशानी देखकर यह साफ है कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से कोसों दूर है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
सरकारी दावों और हकीकत में अंतर
एक तरफ जहां उपभोक्ता रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र और बिहार सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है और इसकी आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है। जिला प्रशासन भी लोगों से अपील कर रहा है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन गैस एजेंसियों के बाहर लगी भीड़ इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार और प्रशासन के दावों के ठीक उलट, उपभोक्ताओं की परेशानी यह बताने के लिए काफी है कि संकट कितना गहरा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना होगा कि प्रशासन इस स्थिति पर कब तक काबू पाता है और लोगों को राहत कब मिलती है।






