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Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग 14 मार्च 2026, शनिवार को चैत्र कृष्णपक्ष एकादशी का दिव्य प्रभाव

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Aaj Ka Panchang: वैदिक ज्योतिष और सनातन धर्म की गहरी समझ रखने वाले विद्वानों के अनुसार, प्रत्येक दिवस का अपना विशेष महत्व होता है। प्रकृति के गूढ़ रहस्यों और खगोलीय पिण्डों की चाल को समझने के लिए पंचांग का अवलोकन अत्यंत आवश्यक है। यह हमें दिन के शुभ-अशुभ क्षणों, तिथियों और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से अवगत कराता है, जिससे हम अपने दैनिक कार्यों का समुचित नियोजन कर सकें। आज, 14 मार्च 2026, शनिवार के दिन का पंचांग हमें एक अद्भुत मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

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आज का पंचांग 14 मार्च 2026: शनिवार को चैत्र कृष्णपक्ष एकादशी का दिव्य प्रभाव

आज 14 मार्च 2026, शनिवार का पावन दिवस है। पंचांग के अनुसार, आज चैत्र कृष्णपक्ष की एकादशी तिथि है, जो अगले दिन 15 मार्च 2026 की सुबह 06 बजकर 57 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इसके उपरांत द्वादशी तिथि का आगमन होगा। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन व्रत तथा पूजन का विशेष महात्म्य है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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आज का पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज के महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग और ग्रह स्थिति:

सूर्य उदय: सुबह 06:20 बजे (उदाहरण)
सूर्य अस्त: शाम 06:25 बजे (उदाहरण)
चंद्र उदय: देर रात 03:30 बजे (15 मार्च) (उदाहरण)
चंद्र अस्त: दोपहर 02:40 बजे (उदाहरण)

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नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र सुबह 09:45 बजे तक, उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। (उदाहरण)
योग: वरीयान योग दोपहर 01:20 बजे तक, उपरांत परिघ योग। (उदाहरण)
करण: बव करण शाम 07:15 बजे तक, उपरांत बालव करण। (उदाहरण)

आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त:

पंचांग के अनुसार, किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त का ज्ञान अत्यंत लाभकारी होता है। आज के दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

राहुकाल और दिशा शूल:

राहुकाल: सुबह 09:30 बजे से 11:00 बजे तक। (इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें।)
गुलिक काल: सुबह 06:20 बजे से 07:50 बजे तक।
यमगण्ड: दोपहर 01:50 बजे से 03:20 बजे तक।
दिशा शूल: आज पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें। यदि आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले तिल या घी का सेवन करें।

एकादशी का महत्व और उपाय:

आज चैत्र कृष्णपक्ष की एकादशी है, जिसे पापमोचनी एकादशी (यदि यह चैत्र कृष्ण एकादशी हो) के रूप में भी जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ है। इस दिन व्रत रखने और श्री हरि का स्मरण करने से समस्त पापों का शमन होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज के दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

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निष्कर्ष और आज का उपाय:

आज शनिवार और एकादशी का संयोग विशेष फलदायी है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। भगवान विष्णु और शनिदेव की कृपा से आपके समस्त कार्य सफल होंगे और जीवन में सुख-शांति का वास होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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