
Bihar engineer: कभी-कभी कुछ तस्वीरें आंखों पर यकीन करने को मजबूर कर देती हैं, जब छोटी सी हैसियत वाले शख्स की शाही दुनिया सामने आती है। बिहार के मधुबनी जिले में एक ऐसे ही इंजीनियर की हैरतअंगेज कहानी सामने आई है, जिसने अपनी सरकारी नौकरी के दौरान अकूत संपत्ति का साम्राज्य खड़ा कर लिया। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मधुबनी में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एक कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के ठिकानों पर छापेमारी की तो उनकी 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ। एक अनुमान के मुताबिक, अधिकतम 12 लाख रुपये सालाना वेतन पाने वाले इस इंजीनियर ने अपनी 14 साल की सेवा में यह विशाल संपत्ति कैसे बनाई, यह सवाल जांच का विषय बना हुआ है। ईओयू इस मामले की हर परत खोलने में जुटी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मनोज कुमार रजक की काली कमाई की यह दास्तान उनकी संपत्तियां स्वयं बयां कर रही हैं। उनके पास इतनी दौलत है, जिसकी कल्पना भी उनके स्तर का कोई पेशेवर शायद ही कर पाए। उनकी संपत्ति सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल और पड़ोसी देश नेपाल में भी उनके निवेश के प्रमाण मिले हैं। यह पूरा मामला चौंकाने वाला है।
आय से 120 प्रतिशत अधिक कमाई का अनुमान
मधुबनी के जयनगर में कार्यरत मनोज कुमार रजक के सात अलग-अलग ठिकानों पर मंगलवार को एक साथ छापामारी की गई। इस कार्रवाई से उनकी संपत्ति के कई गोपनीय पहलू सामने आए। छापेमारी में बरामद किए गए दस्तावेजों की गहन जांच और उनके सत्यापन का कार्य अभी भी जारी है। इसके पूर्ण होने के बाद ही उनकी कुल संपत्ति का सही आकलन हो सकेगा। प्रारंभिक जांच में कम से कम 100 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी मिली है। आर्थिक अपराध इकाई ने सुपौल निवासी मनोज कुमार रजक के खिलाफ आय से 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि पूरा आकलन होने के बाद यह आंकड़ा उनकी आय से 120 फीसदी से भी अधिक हो सकता है, जो अवैध संपत्ति के संग्रहण का एक बड़ा उदाहरण है।
ईओयू ने अदालत से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद अपनी छह विशेष टीमों को इस छापेमारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन टीमों ने मधुबनी, दरभंगा, सुपौल के निर्मली और करजाइन के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी एक साथ कई घंटों तक कार्रवाई की। इस दौरान रजक के ठिकानों से अकूत संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए।
करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला Bihar engineer
ईओयू की टीमों ने जब बरामद दस्तावेजों की जांच की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि मनोज की पत्नी और भाई के नाम पर गैस एजेंसी और एक पेट्रोल पंप है। इसके अलावा, उनके पास लक्जरी कारों का बेड़ा भी है, जिसमें एक स्कॉर्पियो और एक स्विफ्ट डिजायर शामिल है। इन वाहनों का कुल अनुमानित मूल्य लगभग 18 लाख रुपये है। छापेमारी के दौरान उनके पास से 1.05 लाख रुपये नकद भी मिले और बैंक खातों में 4.25 लाख रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है।
मनोज रजक के पास अररिया, करजाइन, दरभंगा, सुपौल और सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में जमीन के कुल 17 दस्तावेज मिले हैं। मौजूदा बाजार मूल्य के अनुसार इनकी कीमत तीन करोड़ रुपये से भी अधिक आंकी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, नेपाल में भी उनकी संपत्ति होने के सबूत जांच टीम को मिले हैं, जो उनकी अवैध संपत्ति की सीमा को और बढ़ाता है।
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मनोज रजक के भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में एचपी की गैस एजेंसी संचालित है। जांच में यह भी सामने आया है कि मनोज रजक ने अपनी पत्नी वीणा भारती के नाम पर दरभंगा में पेट्रोल पंप के लिए भूमि खरीदी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि संजय रजक की गैस एजेंसी के नाम पर खरीदी गई स्कॉर्पियो कार का उपयोग मनोज रजक सरकारी कार्यों में दिखाकर उसका भुगतान अपने बैंक खाते में लेते रहे हैं। यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है।
दार्जिलिंग में चाय बागान, गोदाम और बंगला
वर्ष 2009 में बिजली कंपनी में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर सेवा में आए मनोज रजक की अकूत संपत्ति यहीं तक सीमित नहीं है। उनके पास से दार्जिलिंग में स्थित चाय बागान से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है। जांच में यह भी पता चला है कि मनोज रजक के सुपौल के करजाइन में तीन बड़े गोदाम और निर्मली में एक गोदाम है। दरभंगा में उनका एक आलीशान बंगला भी है।
जांच के दौरान मनोज कुमार रजक के व्यक्तिगत चरित्र से जुड़े खुलासे भी हुए हैं। ईओयू की टीम जब उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, तब उनकी पत्नी ने बताया कि उनके पति ‘आशिक मिजाज’ के हैं। ईओयू ने उनकी पत्नी का बयान दर्ज कर लिया है। पता चला है कि मनोज की एक प्रेमिका नेपाल में रहती है। उन्होंने अपनी इस प्रेमिका के लिए नेपाल में एक मकान भी बनवाया है। नेपाल के सुनसरी जिले में खरीदी गई जमीन पर बना यह बंगला उनकी प्रेमिका के नाम पर ही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फिलहाल, ईओयू मनोज रजक की सभी संपत्तियों की गहन जांच कर रही है। संपत्तियों के पूर्ण सत्यापन और आकलन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मनोज रजक के पास कुल कितनी काली कमाई की संपत्ति है, जिसका पूरा खुलासा जल्द ही होने की उम्मीद है।







