
अनुकम्पा नियुक्ति: दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में उन 13 परिवारों के लिए खुशी का माहौल है, जिनके सदस्यों का सेवाकाल में निधन हो गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुकम्पा के आधार पर इन दिवंगत कर्मचारियों के 13 पाल्यों को नियुक्ति प्रदान की है, जिससे उनके घरों में फिर से उम्मीद की किरण जगी है। इस अनुकम्पा नियुक्ति से विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
मिली अनुकम्पा नियुक्ति: 10 पाल्यों को निम्नवर्गीय लिपिक, 3 को चतुर्थवर्गीय कर्मी का पद
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सेवाकाल में दिवंगत हुए 13 कर्मियों के पाल्यों में से 10 को निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि तीन को चतुर्थवर्गीय कर्मी बनाया गया है। अधिकांश नवनियुक्त पाल्यों को विश्वविद्यालय मुख्यालय में तैनाती दी गई है, जबकि कुछ को इसके अंगीभूत महाविद्यालयों में पदस्थापित किया गया है। सभी नवनियुक्त कर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन, सिंडिकेट सदस्यों और अनुकम्पा समिति के सदस्यों के साथ-साथ कर्मचारी संघ के प्रति आभार व्यक्त किया है और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण का भरोसा दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अनुकम्पा नियुक्ति प्रक्रिया और नवनियुक्त पाल्यों के नाम
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि कुल 13 पाल्यों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना ज्ञापांक 235 दिनांक 17 अप्रैल, 26 को कुलसचिव प्रो. ब्रजेशपति त्रिपाठी द्वारा जारी की गई है। लगभग सभी नवनियुक्त पाल्यों ने शनिवार को कार्यभार भी संभाल लिया। यह नियुक्तियां 05 दिसंबर, 25 को आयोजित अनुकम्पा समिति की अनुशंसा और 14 फरवरी, 26 को सिंडिकेट की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा स्वीकृत पदों के विरुद्ध की गई हैं। यह अनुकम्पा नियुक्ति कार्मिक एवं प्रशासन सुधार विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग तथा समय-समय पर सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत बिहार सेवा संहिता के नियम 54 के परिशिष्ट – 01 में प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए हुई है।
जिन पाल्यों की नियुक्ति हुई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- आकाश कुमार
- अभिनव कुमार राय
- संजय कुमार पासवान
- चंदन कुमार
- दयानंद कुमार मिश्र
- राहुल कुमार
- आशुतोष कुमार
- राहुल राम
- प्रवीण कुमार चौधरी
- माला देवी
- कन्हैया कुमार
- उज्ज्वल कुमार
- अर्जुन कुमार यादव
कुलसचिव प्रो. ब्रजेशपति त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय पहले से ही कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त कर्मियों से कुछ ही सही, लेकिन कार्यों के निष्पादन में निश्चित रूप से तेजी आएगी। उन्होंने सभी नवनियुक्त पाल्यों से कर्मठता से कार्य करने का आह्वान किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






