
Patna Drugs Racket: बिहार में शराबबंदी के बाद नशे के कारोबार का चेहरा तेजी से बदल रहा है। अब दारू की जगह ‘सूखे नशे’ और नशीली दवाइयों का चलन पैर पसार रहा है। इसी बदलती तस्वीर के बीच पटना पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसने शहर में चल रहे नए नशे के सिंडिकेट को उजागर कर दिया है।
बीती रात पुलिस ने कंकड़बाग इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने कुल 67,050 नशीले इंजेक्शन जब्त किए, जिसकी कीमत लाखों में है। इसके अलावा 5,760 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप और 35 पीस स्नेक वेनम एंटी सीरम भी बरामद हुआ। इस कार्रवाई में एक स्कूटी, दो बाइक और एक कार के साथ 2100 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक, जब्त सामान की कुल कीमत सवा करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है, जो इस बात का संकेत है कि यह कोई छोटा-मोटा कारोबार नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।
जब्त नशीले पदार्थ और नेटवर्क की व्यापकता
कंकड़बाग इलाके में की गई इस कार्रवाई के दौरान लोहिया पार्क और पोस्टल पार्क में बने गोदामों के साथ-साथ गोपालपुर के कन्नौजी टोला स्थित एक मकान पर भी छापा मारा गया। तीनों जगहों से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं और नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक गोदाम का मालिक भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों का काम सिर्फ स्टॉक रखना ही नहीं था, बल्कि वे माल का भंडारण, ट्रांसपोर्ट और वितरण जैसे पूरे सप्लाई चेन का हिस्सा थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस Patna Drugs Racket के तार शहर के विभिन्न हिस्सों तक फैले हो सकते हैं।
Patna Drugs Racket: कैसे हुआ भंडाफोड़ और आगे की कार्रवाई?
पुलिस को यह बड़ी सफलता एक गुप्त सूचना के आधार पर मिली थी। चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को खबर मिली थी कि स्कूटी के जरिए इंजेक्शन की सप्लाई की जा रही है। इस सूचना के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और निगरानी बढ़ाई गई। देर रात की गई छापेमारी में यह पूरा नेटवर्क सामने आ गया। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके ठिकानों का पता लगाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस का मानना है कि यह Patna Drugs Racket शहर के कई अन्य हिस्सों में भी सक्रिय हो सकता है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पटना ड्रग्स जब्ती का पर्दाफाश
पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई 20 अप्रैल 2026 को चित्रगुप्तनगर, मुसल्लहपुर, कंकड़बाग और गोपालपुर थाना क्षेत्रों में संयुक्त रूप से की गई थी। इस अभियान के तहत अवैध भंडारण, परिवहन और सप्लाई से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मामले की शुरुआत 19 अप्रैल को चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल से नशीले इंजेक्शन ले जाने की सूचना मिलने के बाद हुई थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में बढ़ते ‘सूखे नशे’ के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ड्रग सिंडिकेट के आरोपियों की गिरफ्तारी
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अरनव कुमार नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर कंकड़बाग स्थित एक गोदाम में छापेमारी की गई, जहां से 31,250 नशीले इंजेक्शन, 5,760 प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप और 35 स्नेक वेनम एंटीसिरम बरामद किए गए। इसके अलावा, एक स्कूटी, दो मोटरसाइकिल, एक कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है।
पहले गिरफ्तार किए गए अरनव कुमार से पूछताछ के बाद, मंटू कुमार को मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र से 2,000 एम्पुल नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़ा गया। मंटू कुमार की निशानदेही पर गोपालपुर थाना क्षेत्र में स्थित एक अन्य गोदाम पर छापा मारा गया, जहां से 33,800 एम्पुल प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए। इस गोदाम के मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूरे अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 67,050 एम्पुल प्रतिबंधित इंजेक्शन और 5,760 कफ सिरप जब्त किए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी एक बड़े अवैध नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो नशीली दवाओं के भंडारण और आपूर्ति में संलिप्त थे। नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध नशा कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह पटना ड्रग्स जब्ती बिहार में ‘सूखे नशे’ के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिस पर अंकुश लगाना राज्य पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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