
कृषि इनपुट अनुदान: बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर! राज्य सरकार ने मार्च 2026 में आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने का ऐलान किया है। यदि आपकी फसल को भी नुकसान हुआ है, तो 5 मई तक आवेदन कर आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
बिहार सरकार ने मार्च 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह में हुए प्राकृतिक आपदाओं, जैसे आंधी-तूफान, असामयिक वर्षापात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कदम उठाए हैं। कृषि विभाग ने ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना’ के तहत प्रभावित किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 5 मई निर्धारित की गई है। इस योजना का लाभ राज्य के 13 जिलों के 88 प्रखंडों की 1484 पंचायतों के किसानों को मिलेगा, जहां फसल क्षति का आकलन कर इन जिलों का चयन किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिन किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वे जल्द से जल्द आवेदन कर इस राहत का लाभ उठा सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और पात्रता
प्रभावित पंचायतों के किसान जिनकी फसल को नुकसान हुआ है, वे कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। यह योजना पंजीकृत (रैयत) और गैर-पंजीकृत (गैर-रैयत) दोनों प्रकार के किसानों के लिए है। हालांकि, इसका लाभ केवल किसान या किसान परिवार को ही मिलेगा। आवेदन करते समय, किसान को अपने परिवार का विवरण आधार सत्यापन के साथ देना अनिवार्य होगा। परिवार के विवरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
कितना मिलेगा अनुदान?
राज्य सरकार ने फसल क्षति के लिए विभिन्न दरों पर अनुदान राशि तय की है। बिहार के किसान निम्नलिखित दरों पर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं:
- असिंचित (वर्षा पर आश्रित) फसल क्षेत्र के लिए: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र के लिए: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
- शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए: ₹22,500 प्रति हेक्टेयर
यह अनुदान अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए दिया जाएगा। साथ ही, न्यूनतम अनुदान राशि भी निर्धारित की गई है: असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹1,000, सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम ₹2,000, और शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए न्यूनतम ₹2,500 दिए जाएंगे।
महत्वपूर्ण बातें और अंतिम तिथि
किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे 5 मई की अंतिम तिथि से पहले अपने आवेदन जमा कर दें। समय पर आवेदन करके ही वे इस कृषि इनपुट अनुदान का लाभ उठा पाएंगे। यह योजना उन सभी मेहनती किसानों के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपनी फसलें खो दी हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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