
बिहार की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वैशाली में हुई एक वारदात का वीडियो शेयर कर दावा किया है कि राज्य में अपराधी बेखौफ होकर ‘सम्राट’ बन चुके हैं। आखिर कब थमेगा जंगलराज?
वैशाली में भीषण लूट और ‘बिहार क्राइम’ की चुनौती
बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राजद विधायक तेजस्वी यादव ने अपराध के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है। तेजस्वी यादव ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वैशाली जिले में गोलीबारी और बमबाजी का दावा किया गया है। इस वीडियो में कुछ लोग एक घर के अंदर जाते दिख रहे हैं। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि यह वीडियो एक स्वर्ण व्यवसायी के घर में हुई लूटपाट का है।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा, ‘ये कोई फिल्मी सीन नहीं है बल्कि बिहार के वैशाली जिले के महानार थाना क्षेत्र में हुई एक घटना है, जहां लगभग 30 की संख्या में अपराधी गोलीबारी और बमबाजी करते हुए गांव में घुसकर लोगों के साथ मारपीट करते हुए स्वर्ण व्यवसायी के घर में लूटपाट की घटना को अंजाम देते हैं। आभूषण और लाखों रुपये लूटकर चले जाते हैं।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने आगे बताया कि वारदात के दौरान पुलिस को सूचना दी जाती है, लेकिन पुलिस घटना के एक घंटे बाद वहां पहुंचती है। तब तक अपराधी निकल चुके होते हैं। क्षेत्र के लोगों में दहशत है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ‘बिहार क्राइम’ के बढ़ते मामलों से जनता में दहशत है। उन्होंने कहा कि हत्या, लूट और अपराध की ऐसी घटनाएं बिहार के हिस्से में हर रोज आ रही हैं।
तेजस्वी के अनुसार, ‘कभी दुकान में घुसकर कनपट्टी पर कट्टा सटा दिया जाता है, कभी सरेआम किसी की गर्दन काटकर हत्या कर दी जाती है। 21 वर्षों से अपराधियों को सत्ता का इतना संरक्षण मिला कि आज बिहार में अपराधी ‘सम्राट’ बन चुके हैं। अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि बिहारवासियों को बिहार में डर लगता है।’
बिहार सरकार के खजाने पर भी सवाल
आपको बता दें कि इससे पहले तेजस्वी यादव ने अपने एक अन्य पोस्ट में ‘बिहार वित्तीय संकट’ का भी मुद्दा उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि बिहार सरकार का खजाना खाली हो चुका है। तेजस्वी ने एक्स पर लिखा था, ‘राज्य में व्याप्त वित्तीय संकट से जूझ रही अनैतिक सरकार ने हालिया दिनों में दूसरी बार निधि निकासी एवं व्यय नियंत्रण संबंधित पत्र जारी किया है। अपनी कुर्सी बचाने के लिए भ्रष्ट रिटायर्ड और कॉम्प्रोमाइज्ड उच्च अधिकारियों और एजेंसियों से डरी भूंजा गैंग ने अचेत निष्क्रिय मुख्यमंत्री से मिलकर खटारा सरकार से चुनाव के आख़िरी 30 दिनों में 41,000 करोड़ रुपए बंटवा दिया।’
तेजस्वी ने आगे कहा, ‘अब महीनों से बुजुर्गों को दी जाने वाली सामाजिक पेंशन, स्टूडेंट के क्रेडिट कार्ड के भुगतान, छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए और कर्मचारियों को सैलरी व पेंशन देने के भी एनडीए सरकार के पास धनराशि नहीं बची, क्योंकि भ्रष्टाचार के चलते खजाना खाली है। इस गंभीर ‘बिहार वित्तीय संकट’ के लिए उन्होंने भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है।’ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
उन्होंने दावा किया कि ‘तंत्र-यंत्र और षड्यंत्र से बनी जुगाडू सरकार अब ब्याज पर उधार लेकर यानि कर्ज के सहारे चल रही है। यह भ्रष्ट सरकार 100 करोड़ से अधिक रुपए प्रतिदिन केवल ब्याज का भुगतान करने में खर्च कर रही हैं। हालात ये हैं कि NDA सरकार ने बिहार पर लगभग 4 लाख करोड़ रूपये से अधिक के कर्ज का बोझ लाद दिया है। बिहार का खजाना इतना खाली हो चुका है कि समूचा प्रदेश पूरी तरह से ठप पड़ा है, विकास की कोई भी योजना नहीं चल रही है।’
तेजस्वी ने पूछा, ‘जानते हैं क्यों? क्योंकि एक ऐसी निकम्मी सरकार बिहार को चला रही है, जिसके पास न तो विजन है और न ही रोडमैप! भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी NDA सरकार बिहार के खजाने से पैसे तो निकाल लेती है लेकिन उसे पता ही नहीं होता है कि 92 हजार 132 करोड़ रुपये कहां खर्च किये? कैग की रिपोर्ट बताती है कि डबल इंजन की सरकार 90 हजार करोड़ के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं कर पाई। मतलब खर्च तो हुए, लेकिन NDA नेताओं और अधिकारियों की जेब भरने में या NDA सिंडिकेट में बंदरबांट करने में किस मद में ये धनराशि लूटी गई सरकार को पता ही नहीं है। NDA सरकार में भ्रष्टाचार इतना विराट हो गया कि भ्रष्टचारी ही सम्राट हो गया।’
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