
सम्राट चौधरी विश्वास मत: बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया. लेकिन सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक से माहौल गरमा गया और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर हमला बोला.
बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया. 15 अप्रैल 2026 को राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद यह उनकी सरकार की पहली बड़ी परीक्षा थी. हालांकि, सदन का माहौल उस वक्त पूरी तरह गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य का खजाना पहले ही खाली है और बिहार पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, तो विकास कार्य कैसे होंगे? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पेंशन तक के लिए पैसा नहीं है, ऐसे में सरकार विकास का सपना कैसे पूरा कर पाएगी.
तेजस्वी यादव का सरकार पर बड़ा हमला
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि “2025 से 30 फिर से नीतीश” का नारा जनता को भ्रमित करने वाला था. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर बीजेपी ने पहले ही मुख्यमंत्री तय कर लिया होता, तो आज बिहार में इस तरह की राजनीतिक अस्थिरता की नौबत ही नहीं आती. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि 5 साल में 5 सरकारें बदलना बिहार की स्थिरता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन्होंने बिहार को एक अजीबोगरीब राजनीतिक प्रयोगशाला बताया, जहाँ स्थिरता की बजाय लगातार सत्ता परिवर्तन हो रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एनडीए लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद स्थिर नेतृत्व देने में विफल रहा है.
सम्राट चौधरी विश्वास मत: सत्ता में असंतोष के संकेत?
सदन में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को पगड़ी संभालकर रखने की सलाह दी और संकेत दिया कि सत्ता के भीतर ही असंतोष की स्थिति है. उन्होंने दावा किया कि सरकार में ‘ओरिजिनल बीजेपी’ के चेहरे कम हैं, जबकि कई नेता दूसरे दलों से आए हुए हैं, जिससे पार्टी के अंदरूनी स्तर पर ही असंतोष पनप रहा है. इस बीच, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक से सदन का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा. एनडीए के पास बहुमत होने के बावजूद विपक्ष ने सरकार की नीतियों, आर्थिक स्थिति और नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अब सबकी निगाहें इस फ्लोर टेस्ट पर टिकी थी कि क्या यह महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा, या बिहार की सियासत में यह सम्राट चौधरी विश्वास मत किसी नए समीकरण की शुरुआत करेगा. मगर आराम से विशेष सत्र संपन्न हो गया।






