
Bihar Satellite Township: पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा… 800 से 1200 एकड़ में प्रस्तावित?
Bihar Satellite Township: बिहार में शहरीकरण की रफ़्तार तेज करने और शहरों पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो आने वाले समय में बिहार के विकास की नई इबारत लिखेगी।
सैटेलाइट टाउनशिप: बिहार में अब नए शहरों का सपना साकार होने वाला है। राज्य सरकार ने 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर बिहार विकास प्राधिकरण (BDA) इन टाउनशिप्स को योजना और विकास एजेंसी के रूप में विकसित करेगा।
भूमि मालिकों को मिलेगा 35% हिस्सा, सट्टेबाजी पर रोक
चिह्नित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के बाद, कुल भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा भूमि मालिकों को वापस कर दिया जाएगा। छोटे भू-स्वामियों के लिए यह कटौती कम रखी जाएगी, ताकि उन्हें आवंटित भूमि की उपयोगिता बनी रहे और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हो सकें। आपको बता दें कि इन टाउनशिप क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और जमीन की सट्टेबाजी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने तुरंत प्रभाव से इन 11 क्षेत्रों में भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। अब केवल सरकारी प्रक्रिया के तहत ही भूमि संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप का लक्ष्य और प्रभाव
ये सैटेलाइट टाउनशिप पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा समेत राज्य के प्रमुख शहरों के आसपास विकसित किए जाएंगे। इन नए शहरों के विकास से मुख्य शहरों पर बढ़ते आबादी और बुनियादी ढांचे के दबाव को कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों को बेहतर आवास विकल्प मिलेंगे, जो राज्य के समग्र शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र ही विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर इन सैटेलाइट टाउनशिप्स का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह परियोजना बिहार को आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
नगर विकास एवं आवास विभाग इन टाउनशिप के विकास के लिए एजेंसियों का चयन करेगा। राज्य सरकार ने फिलहाल इन 11 चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है ताकि योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सके। यह टाउनशिप लगभग 800 से 1200 एकड़ में प्रस्तावित है। एक खास बात यह है कि विकसित होने के बाद टाउनशिप के कुल क्षेत्र का 55 फीसदी भूखंड जमीन मालिकों को वापस किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल भूमि अधिग्रहण के एक नए मॉडल के रूप में देखी जा रही है, जहां भूमि मालिकों को भी विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा रहा है।
Bihar Satellite Township: कैसी होंगी ये नई बस्तियां और क्या मिलेंगी सुविधाएं?
नगर विकास विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, इन क्षेत्रों में आधुनिक आवासीय ब्लॉक, वाणिज्यिक केंद्र, औद्योगिक इकाइयाँ, साथ ही नाले, पार्क, खुला मैदान और बेहतर सड़कें जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। चयन की गई एजेंसी अपने खर्च पर इन क्षेत्रों का विकास करेगी। एजेंसी को विकास लागत की भरपाई के लिए कुल भूमि का अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा बिक्री के लिए दिया जाएगा। यह हिस्सा आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रकृति के आधार पर तय होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
भूखंड मालिकों की राय और स्वीकृति प्रक्रिया
टाउनशिप के लिए चिह्नित क्षेत्र के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद विकास एजेंसी जमीन मालिकों के साथ बैठक कर उनके आपत्ति और सुझाव आमंत्रित करेगी। इन सुझावों के आधार पर संशोधित प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे अंततः नगर विकास विभाग की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस प्रकार, Bihar Satellite Township के निर्माण में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।







