
Kendriya Vidyalaya Darbhanga: मिथिलांचल को शिक्षा का हब बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा है। दरभंगा के कोल्हंटा पटोरी स्थित केंद्रीय विद्यालय-2 में सत्र 2026-27 के लिए 320 बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही, विद्यालय के भव्य भवन निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये भी मंजूर किए गए हैं। स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस संबंध में केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य और अन्य अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। उन्होंने नामांकन, भवन निर्माण और अन्य संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
केंद्रीय विद्यालय दरभंगा: नामांकन और भवन निर्माण की समीक्षा
बैठक में सांसद डॉ. ठाकुर ने प्राचार्य से कक्षा 1 से 3 तथा कक्षा 4 एवं 5 में नामांकन प्रक्रिया की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सांसद ने जोर देकर कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के दाखिलों में सरकारी मानकों के साथ-साथ जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि केंद्र सरकार की इस सौगात का लाभ स्थानीय बच्चों को भी भरपूर मिल सके।
डॉ. ठाकुर ने बताया कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी, जिसमें दरभंगा जिले के केंद्रीय विद्यालय-2 कोल्हंटा पटोरी भी शामिल था। इस विद्यालय में प्राचार्य के साथ-साथ बाल वाटिका के लिए एनटीटी (NTT) से 6 शिक्षक, प्राथमिक कक्षाओं के लिए 6 शिक्षक और 4 संविदा कर्मियों की भी नियुक्ति की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 50 करोड़ का बजट
सांसद ने जानकारी दी कि केंद्रीय विद्यालय-2 के भवन निर्माण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए भारत सरकार ने 50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस राशि से 24 वर्ग कक्ष, 4 लाइब्रेरी और अधिकारी-कर्मी आवास सहित लगभग 50 कमरों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में भवनों के निर्माण से पहले मिट्टी जांच की प्रक्रिया चल रही है, और भवन निर्माण के डीपीआर (DPR) के लिए 20 लाख रुपये जारी किए जा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
डॉ. ठाकुर ने इस केंद्रीय विद्यालय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें शिक्षण कार्य शुरू करने की स्वीकृति केंद्र की मोदी सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है, जिसकी जितनी सराहना की जाए वह कम है। यह कदम मिथिलांचल में बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। बैठक में केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य ऋषि रमण, पुस्तकालयाध्यक्ष राघव कुमार झा और शिक्षक सुनील कुमार सहित आधा दर्जन अधिकारी मौजूद थे।







