
Jitan Ram Manjhi: बिहार की राजनीति में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल है. लेकिन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने हाल ही में एक ऐसा भावुक खुलासा किया है, जिसने सबको चौंका दिया है. उन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच से बताया कि उनके राजनीतिक वारिस संतोष कुमार सुमन रिश्ते में उनके सौतेले बेटे हैं, लेकिन उनके लिए वह हमेशा अपने सगे बेटे जैसे ही रहे हैं.
Jitan Ram Manjhi का भावुक बयान: ‘संतोष को कभी सौतेला नहीं समझा’
बिहार के गया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने अपने निजी जीवन से जुड़ा एक अहम और भावुक पहलू साझा किया. उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से कहा कि संतोष कुमार सुमन उनके सौतेले बेटे हैं, लेकिन उन्होंने कभी उन्हें अलग नहीं माना. मांझी ने यह भी साफ किया कि उन्होंने संतोष को ही अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया है और हमेशा एक पिता की तरह उनका मार्गदर्शन किया है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उनके इस बयान ने लोगों को काफी भावुक कर दिया.
मां को खोया, परिवार ने संभाला: संतोष कुमार सुमन की परवरिश की कहानी
मांझी ने भावुक होते हुए बताया कि जब संतोष कुमार सुमन महज 8 महीने के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था. इतने कठिन समय में पूरे परिवार ने मिलकर उनका पालन-पोषण किया. उन्होंने विशेष रूप से संतोष की चाची का जिक्र किया, जिन्होंने अपने दूध से उनका लालन-पालन किया. यह परिवार के त्याग और अपनापन का एक बड़ा उदाहरण है. उन्होंने बताया कि उनके भाई, जो पेशे से इंस्पेक्टर थे, ने संतोष को अच्छी शिक्षा दिलाने में अहम भूमिका निभाई. संतोष की पढ़ाई एक अच्छे स्कूल में कराई गई, ताकि उनका भविष्य मजबूत बन सके.
समाज की सोच बदली और उत्तराधिकारी बनाया
मांझी ने समाज में सौतेले रिश्तों को लेकर बनी नकारात्मक सोच पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आमतौर पर सौतेले रिश्तों को गलत नजर से देखा जाता है, लेकिन उन्होंने इस सोच को बदलने की कोशिश की. उन्होंने संतोष को हमेशा अनुशासन में रखा और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. केंद्रीय मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज संतोष कुमार सुमन न सिर्फ उनके उत्तराधिकारी हैं, बल्कि मंत्री पद तक पहुंच चुके हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी भी संतोष को सौतेला महसूस नहीं होने दिया. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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