
Bihar Weather: बिहार में मौसम का मिजाज अप्रत्याशित रूप से बदल गया है। एक तरफ जहां उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण बिहार अब भी भीषण गर्मी की चपेट में है। इस बदलती प्रकृति ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि कई जगहों पर जानमाल का नुकसान भी हुआ है।
रविवार को उत्तर और पूर्वी बिहार के कुछ जिलों जैसे अररिया, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश हुई और ओले गिरे। इस बेमौसम बरसात और आंधी से मक्का, आम, लीची और सब्जियों की फसल को भारी क्षति पहुंची है। बिहार में बदलता Bihar Weather जनजीवन पर गहरा असर डाल रहा है। कटिहार जिले में वज्रपात (ठनका) की चपेट में आने से तीन लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि अररिया के जोकीहाट में कच्ची दीवार गिरने से एक वृद्ध महिला की जान चली गई। तेज आंधी और ठनका गिरने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना समेत 28 शहरों के अधिकतम तापमान में कमी आने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पूरवा हवा चलने के कारण पटना का पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे राजधानीवासियों ने थोड़ी राहत की सांस ली।
उत्तर और पूर्वी बिहार में मौसम का मिजाज और तबाही
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। किशनगंज में सोमवार के लिए और अररिया, किशनगंज, गोपालगंज एवं पश्चिमी चंपारण में मंगलवार के लिए मेघ गर्जन और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण बिहार में गर्म हवाओं का प्रकोप और पटना के स्कूलों का फैसला
जहां उत्तरी बिहार में बारिश हो रही है, वहीं दक्षिण बिहार के गया जी, डेहरी और भभुआ जैसे इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इस भीषण गर्मी के मद्देनजर पटना जिले के स्कूलों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। जिला दंडाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने रविवार को आदेश दिया कि भीषण गर्मी और गर्म हवाओं को देखते हुए, कक्षा आठ तक के सभी सरकारी-निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्ले स्कूलों की कक्षाएं 11:30 बजे के बाद संचालित नहीं की जाएंगी। यह आदेश बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को देखते हुए 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। स्कूल प्रबंधन को अपनी समय-सारिणी में बदलाव कर इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है, इसे छोटे बच्चों को दोपहर की भीषण गर्मी से बचाने के लिए एक आवश्यक कदम बताया है। यह Bihar Weather की वर्तमान स्थिति को देखते हुए एक सराहनीय पहल है, जिससे बच्चों को गर्मी के प्रकोप से बचाया जा सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/






