
Saharsa Airport: सहरसा के लोगों का हवाई सफर का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है। अगले साल से इस हवाई अड्डे से छोटे और मध्यम आकार के विमान उड़ान भर सकेंगे, जिससे पूरे कोसी क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे। यह बिहार के हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सहरसा में हवाई सेवा शुरू होने से न सिर्फ क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यह हवाई अड्डा बिहार के अन्य हिस्सों और देश के प्रमुख शहरों से सहरसा को बेहतर ढंग से जोड़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
सहरसा एयरपोर्ट अपग्रेडेशन: कब तक होगा तैयार?
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को 450 दिनों (लगभग 15 महीने) में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे हवाई सेवा संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। लगभग 38.14 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1580 वर्ग मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन, 165 वर्ग मीटर में एटीसी टावर और 451 वर्ग मीटर में फायर स्टेशन का निर्माण होगा। इसके साथ ही, 1000 मीटर x 30 मीटर का रनवे भी तैयार किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस अपग्रेडेशन में प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर और प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन जैसी आधुनिक संरचनाएं शामिल होंगी। ये निर्माण हवाई अड्डे की संचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे, जिससे छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा और टेंडर प्रक्रिया
पिछले साल सितंबर में, ओएलएस (ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सरफेस) सर्वेक्षण हुआ था, जिसमें तीन सदस्यीय टीम ने सहरसा हवाई अड्डा के 15 किलोमीटर के दायरे में ऊंचे भवनों, मोबाइल टावरों और हाई टेंशन तारों का मुआयना किया था, जो उड़ान भरने या लैंडिंग में बाधा बन सकते थे। जनवरी 2025 में सहरसा में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हवाई अड्डे के विकास को लेकर घोषणा की थी।
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने 22 अप्रैल को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर ई-निविदा जारी की है। यह निविदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने के लिए है। 16 जून को टेंडर खुलेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
कोसी क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान
यह हवाई सेवा शुरू होने से सहरसा के साथ-साथ मधेपुरा और सुपौल जैसे आसपास के लाखों लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इससे पूरे कोसी क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति होगी। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सहरसा एयरपोर्ट का यह अपग्रेडेशन न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगा बल्कि बिहार के क्षेत्रीय हवाई संपर्क को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







