
Monastery Land Encroachment: बिहार में मठों और मंदिरों की ज़मीनों पर अवैध कब्ज़ा अब और नहीं चलेगा! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक बड़े अभियान का ऐलान कर दिया है, जिसकी शुरुआत पवित्र बोधगया से होगी। जानिए क्या है सरकार की योजना और कैसे मिलेगी इन भूमियों को आज़ादी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बिहार में मठों की जमीनों पर हुए अवैध कब्जे को हर हाल में हटाया जाएगा। यह Monastery Land Encroachment अभियान बोधगया से शुरू होगा, जहां बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भारतीय परंपरा में धार्मिक समन्वय विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी-सह सांस्कृतिक संचेतना कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पर वर्षों से आक्रांता आते रहे हैं और प्रहार करते रहे हैं, लेकिन भारत कभी समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने सनातन समाज के लोगों को सर्वाधिक सहनशील बताया।
बोधगया से होगी Monastery Land Encroachment अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले गया के विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर विष्णुपद कॉरिडोर को लेकर फल्गु नदी किनारे भ्रमण किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे। बोधगया मठ पहुँचने से पहले मुख्यमंत्री महाबोधि मंदिर गए और भगवान बुद्ध की वंदना की। बोधगया मठ में उन्होंने भगवती गद्दी, ठाकुरबाड़ी और भगवान बुद्ध प्रतिमा स्थल पर दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री ने नालंदा के रमेरा में श्री श्री 108 श्री शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय मेले का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आज से 800 वर्ष पहले सिंध प्रांत से आकर एक संत ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया था, आपसी भाईचारा और मेल-मिलाप की नींव रखी थी।
अपराधियों का होगा पिंडदान, सुशासन पर जोर
बोधगया मठ में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा हर कदम उठाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि गया जी तो पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है और अब अपराधियों का भी पिंडदान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोगों का पिंडदान शुरू हो गया है। बिहार में सुशासन स्थापित करने के लिए ऐसे कई अपराधियों का पिंडदान हमारी सरकार करती रहेगी।” उन्होंने यह भी घोषणा की कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें समस्याओं को लेकर आए आवेदनों पर संबंधित अधिकारी 30 दिनों के भीतर निर्णय लेंगे। “अटकाना, भटकाना और लटकाने की प्रवृत्ति नहीं चलेगी,” मुख्यमंत्री ने साफ किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







