
Nishant Kumar: बिहार की राजनीति में आज एक नई हलचल मच गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने अपनी ‘सद्भाव यात्रा’ का आगाज कर दिया है, जिसकी शुरुआत पश्चिम चंपारण के बेतिया से हुई है। यह यात्रा उनके राजनीतिक भविष्य की नींव रखेगी या सिर्फ एक जनसंपर्क अभियान बनकर रह जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की ‘सद्भाव यात्रा’ की शुरुआत को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पश्चिम चंपारण के बेतिया क्षेत्र से शुरू हुई इस यात्रा के पहले दिन का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहा। 4 मई को वे वाल्मीकिनगर में जंगल सफारी भी करेंगे। सुबह से ही पार्टी कार्यालय के बाहर शंखनाद और बिगुल बजाया गया। फूलों से सजी गाड़ी के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और माहौल पूरी तरह उत्सवी दिखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
‘निश्चय रथ’ पर सवार होकर निकले निशांत, क्या है खास?
यात्रा शुरू करने से पहले निशांत कुमार जदयू कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सीधा संवाद किया। इस यात्रा की एक खास बात यह है कि जिस रथ पर सवार होकर निशांत अपनी यात्रा कर रहे हैं, वह वही ‘निश्चय रथ’ है जिसका इस्तेमाल पहले नीतीश कुमार करते रहे हैं। इस रथ पर निशांत की अलग से कोई ब्रांडिंग नहीं की गई है, जो पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले निशांत कुमार ने 7 सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास पर पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे जदयू कार्यालय लौटे, जहां प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और विधायक दल के नेता श्रवण कुमार भी मौजूद रहे। यह घटनाक्रम राजनीति में कई संकेत दे रहा है।जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने इस यात्रा को लेकर कहा कि कार्यकर्ताओं की लंबे समय से मांग थी कि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नीतीश कुमार ने पिछले 20 सालों में बहुत कुछ किया है और पार्टी में निशांत की यात्रा को लेकर काफी जोश है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
चंपारण से शुरुआत का सियासी महत्व
पहले दिन की यात्रा में कई जगहों पर स्वागत कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनमें ये स्थान शामिल हैं:
- बजरंग चौक ओवरब्रिज
- वैशाली जिला कार्यालय
- मुजफ्फरपुर का सकरी चौक
- पूर्वी चंपारण का महेंद्र चौक
इन स्थानों पर कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटने वाले हैं। इस यात्रा को जनसंपर्क अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है। चंपारण से यात्रा की शुरुआत को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह इलाका महात्मा गांधी की कर्मभूमि रहा है और साथ ही यह क्षेत्र नीतीश कुमार की राजनीति में भी अहम रहा है। उन्होंने भी कई महत्वपूर्ण अभियानों की शुरुआत यहीं से की थी। अब उसी रास्ते पर चलते हुए निशांत कुमार ने अपनी यात्रा शुरू की है, जो बिहार की राजनीति के लिए नई दिशा तय कर सकती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






