
Patna Boat Overloading: पटना में अब नदियों में नावों को ओवरलोड करना या बिना अनुमति चलाना महंगा पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने इस मामले में बेहद सख्ती दिखाई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने के निर्देश जारी किए हैं।
जबलपुर में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे से सबक लेना तो दूर, पटना के दीघा घाट पर रोजाना हजारों लोग गंगा की सैर कर रहे हैं और उनकी जान खतरे में है। बिहार की राजधानी में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं क्योंकि अधिकतर यात्री बिना सुरक्षा उपकरणों के ही नावों और जहाजों की सवारी कर रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने गंभीर कदम उठाए हैं।
पटना में नदियों में नावों की ओवरलोडिंग और अवैध परिचालन पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।
नावों की ओवरलोडिंग पर डीएम का सख्त रुख
शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोग गंगा का लुत्फ उठा रहे थे, लेकिन उनमें से अधिसंख्य के पास सुरक्षा का महत्वपूर्ण उपकरण यानी लाइफ जैकेट नहीं थी। वे बेखौफ होकर नावों की सवारी कर रहे थे। यहां बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित एमवी कौटिल्य जैसे जहाज भी चलते हैं, जिन पर प्रतिदिन पर्यटक आते हैं। छोटी नावों (बोट) पर भी लोग घूमते हैं, लेकिन सुरक्षा के मानकों को दरकिनार किया जा रहा था।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा से किसी भी स्थिति में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “ओवरलोडिंग या बिना अनुमति नाव संचालन करने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई
इन नावों का संचालन भी सुरक्षित तरीके से नहीं किया जा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। घाट पर जहाज तक जाने के लिए पर्याप्त सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। नदी में चलने वाले जहाजों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है। हर जहाज पर प्रशिक्षित गाइड या कर्मी की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्रियों की जान बचा सके। जहाज में बैठने से पहले प्रत्येक यात्री को सुरक्षा उपकरण पहनना अनिवार्य है।
ऐसे में जिला परिवहन पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे नावों के निबंधन से जुड़ी शर्तों, जैसे निर्धारित क्षमता (कैरियिंग कैपेसिटी), सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले नाव मालिकों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। इन नाव सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने वाली नावों को जब्त करने और उनके संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी गई है। इन नाव सुरक्षा नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
यह कदम नदियों में होने वाले हादसों को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। Patna Boat Overloading को लेकर जिला प्रशासन की यह सख्ती निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






