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Darbhanga News: नगर परिषद बनने का क्या मतलब है सरकार… जब सुविधा नहीं दे सकते? LPG Gas Booking का संकट, 45 दिन बाद भी नहीं मिल रहे सिलेंडर, चूल्हे पर लौटीं महिलाएं

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LPG Gas Booking: पहले यह तस्वीर देखिए।जाले नगर परिषद क्षेत्र में आता है। यहां के लोग सरकार को टनाटन पैसा देते हैं। बावजूद, लकड़ी पर खाना बनाने को विवश मैडम जी को देखिए। यह तस्वीर सरकार और प्रशासन के सारे दावे, बड़े बड़े विज्ञापनों और धुएं से महिलाओं को आजादी दिलाने पर भरोसा टूटने वाली हकीकत है। आइए जानिए क्या हो रही परेशानी। कहां आकर यू टर्न हो गईं फिर से जिंदगानी… क्या ये भी 21 साल पहले का मंगल दोष है?

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बिहार के जाले नगर परिषद क्षेत्र के लोगों को इन दिनों गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जहां शहरी इलाकों में 25-30 दिनों में गैस मिल जानी चाहिए, वहीं जाले में 45 दिनों बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। इस संकट से गृहिणियों को वापस लकड़ी और उपलों पर लौटना पड़ रहा है।

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जाले में LPG Gas Booking की सुविधा 45 दिनों पर ही मिल रही है, जबकि कई उपभोक्ताओं को 45 दिन बीत जाने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसियों द्वारा बिना डीएसी नंबर के रिफिल गैस सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें, खासकर गृहिणियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस न मिलने के कारण वे मजबूरन पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी का उपयोग कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

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LPG Gas Booking: क्यों बिगड़ी जाले की रसोई?

सरकारी प्रावधानों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 25 से 30 दिनों के अंतराल पर और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद गैस बुकिंग की सुविधा दी जाती है। इसके बाद उपभोक्ताओं को डीएसी नंबर जारी किया जाता है। जाले नगर परिषद क्षेत्र होने के बावजूद यहां के उपभोक्ताओं को ग्रामीण क्षेत्र के मानदंडों से भी अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण उपभोक्ता भी निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद बुकिंग न हो पाने की शिकायत कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में गैस संकट गहरा गया है।

गैस की कमी के कारण गृहिणियों को आंधी-पानी और भीषण गर्मी के बीच लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। धुएं के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। पूर्व में गैस एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ अब होम डिलीवरी के माध्यम से समाप्त हो गई है, लेकिन समस्या नई हो गई है। उपभोक्ता डीएसी नंबर बताकर गैस की आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं, जिसके तहत एजेंसी की गाड़ी से रिफिल सिलेंडर घर तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन आपूर्ति ही नहीं हो पा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

बुकिंग नियमों की अनदेखी, गहराता संकट

इस स्थिति ने उन परिवारों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है जिन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिए थे। गैस सिलेंडर की उपलब्धता न होने के कारण वे महिलाएं भी फिर से पारंपरिक ईंधन का उपयोग करने को विवश हैं, जिससे इस योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। प्रशासन और गैस एजेंसियों को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि जाले के निवासियों को राहत मिल सके।

उज्ज्वला योजना की गृहिणियां भी परेशान

यह स्पष्ट है कि जाले में गैस वितरण प्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। उपभोक्ताओं को उनके हक की गैस समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। नोट कीजिए सरकार । यही हालत सिंहवाड़ा नगर पंचायत की भी है जहां एक आदमी से एकबार में करीब चालीस हजार तक टैक्स अपने हाल के महीनों में वसूला है। मगर सुविधा के नाम पर एक दीप तक नहीं जले।

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