
Cyber Crime In Bihar: बिहार में साइबर ठगी का जाल तेजी से फैलता जा रहा है, अब इसकी आंच शहरी इलाकों से निकलकर गांवों तक पहुंच गई है। इन शातिर साइबर अपराधियों से भोले-भाले ग्रामीणों को बचाने के लिए पटना साइबर पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। जी हां, अब गांव-गांव जाकर जीविका दीदियां लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से लड़ने का पाठ पढ़ाएंगी।
बिहार में तेजी से पांव पसार रहे साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पटना साइबर पुलिस ने एक प्रभावी पहल की शुरुआत की है। पहले ये घटनाएं मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित हुआ करती थीं, लेकिन अब स्मार्टफोन और डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के कारण ग्रामीण इलाकों के लोग भी तेजी से इन शातिर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। इसे देखते हुए, पुलिस ने गांव-गांव और घर-घर तक अपनी गहरी पहुंच रखने वाली जीविका दीदी की बड़ी फौज की मदद लेने का फैसला किया है। डिजिटल युग में साइबर ठगों के नए और शातिर पैंतरों से भोले-भाले ग्रामीणों को बचाने के लिए अब ये दीदियां एक मजबूत ढाल बनकर मैदान में उतरेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन जीविका दीदियों को लोगों को साइबर ठगी से बचने के बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक ट्रेनिंग दी जाएगी।
तेजी से बढ़ता Cyber Crime In Bihar का ग्राफ
आंकड़ों पर गौर करें तो पटना जिले में साइबर अपराध के ग्राफ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। केवल पिछले साल ही पटना में साइबर ठगी के करीब 2500 नए मामले दर्ज किए गए थे। पटना साइबर पुलिस के एसपी नीतीश चंद्र धारिया के अनुसार, जीविका दीदियों का एक बहुत बड़ा और संगठित समूह है, जिसकी पहुंच हर पंचायत और गांव तक है। इसलिए उन्हें ट्रेनिंग कर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा जा रहा है। गांव और पंचायत स्तर पर इन दीदियों की एक विशेष टीम बनाई जा रही है।
अगले महीने से शुरू होगी ट्रेनिंग, इन बातों पर रहेगा जोर
इस ट्रेनिंग के दौरान जीविका दीदी को साइबर ठगी के हर उस तरीके के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, जिनका इस्तेमाल आजकल अपराधी आम लोगों को फंसाने के लिए कर रहे हैं। उन्हें खास तौर पर यह सिखाया जाएगा कि मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजान ‘एपीके’ (APK) फाइल पर भूलकर भी क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक्स या लुभावनी वेबसाइट्स पर भरोसा न करें और गूगल पर सर्च करके कस्टमर केयर का नंबर निकालने से बचें। इसके अलावा, ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड, पारिवारिक पेंशन, पीएम किसान योजना और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के नाम पर होने वाले ऑनलाइन फर्जीवाड़े से भी अलर्ट किया जाएगा। अगले महीने से इस पहल की शुरुआत कर दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पटना साइबर पुलिस की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में Cyber Crime In Bihar को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह दिखाता है कि कैसे जमीनी स्तर पर समुदाय की भागीदारी से बड़े सामाजिक बदलाव लाए जा सकते हैं।
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