
बिहार कैबिनेट: बिहार की राजनीति में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जो हर सरकार में अपनी जगह बना लेते हैं। मदन सहनी इन्हीं में से एक हैं, जिन्होंने सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली है। आखिर क्या है इनकी शख्सियत में खास जो इन्हें हर बार मंत्री पद दिलाती है?
दरभंगा जिले के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मदन सहनी को एक बार फिर बिहार सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उन्होंने 7 मई को पटना के गांधी मैदान में मंत्री पद की शपथ ली। राजनीति में आने से पहले वे दवा कारोबार से जुड़े थे, लेकिन उनका राजनीतिक सफर पंचायत स्तर से ही शुरू हो गया था। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, जहां वे जिला परिषद सदस्य और फिर अध्यक्ष भी बने। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पंचायत से कैबिनेट तक का सफर
मदन सहनी का राजनीतिक करियर 1992 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद पंचायत स्तर से शुरू हुआ। वे सबसे पहले पंचायत सदस्य बने, फिर जिला परिषद सदस्य और बाद में जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर भी काबिज हुए। 2010 के विधानसभा चुनाव से पहले टिकट की दावेदारी को लेकर उन्होंने दरभंगा से पटना तक लालटेन कांवड़ यात्रा निकाली, जिससे वे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए। राजद से टिकट न मिलने पर वे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गए और उसी वर्ष बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित होकर बिहार विधानसभा पहुंचे।
राजनीतिक करियर और अहम जिम्मेदारियां
मदन सहनी 2010 से लगातार बिहार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। एनडीए की सरकार हो या महागठबंधन की, वे लगातार मंत्री पद पर बने रहे हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गौरा बौराम विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की और बिहार सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बनाए गए। उन्होंने 2015 से 2017 तक इस विभाग की जिम्मेदारी संभाली। 2020 में एक बार फिर बहादुरपुर से विधायक चुने जाने के बाद 9 फरवरी 2021 से 28 जनवरी 2024 तक उन्होंने समाज कल्याण मंत्री के रूप में कार्य किया। वे युवा विकास, महिला सशक्तिकरण और किसान कल्याण से जुड़े सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। वर्ष 2021 में उन्होंने कथित नौकरशाही हस्तक्षेप के विरोध में इस्तीफा देने की चेतावनी देकर सियासी हलचल मचा दी थी, हालांकि बाद में वे जदयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए पार्टी में बने रहे। 2025 के विधानसभा चुनाव में मदन सहनी ने बहादुरपुर सीट से 96,300 वोट प्राप्त कर राजद के भोला यादव को 12,011 वोटों से हराया। चुनाव के बाद उन्हें बिहार कैबिनेट में शामिल किया गया।
मदन सहनी: एक नज़र में राजनीतिक समयरेखा
- 2025: बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ
- 2025: बहादुरपुर से विधायक निर्वाचित, 96,300 वोट प्राप्त
- 5 जून 2023: 15 साल पुराने आपराधिक मामले में बरी
- जुलाई 2021: नौकरशाही हस्तक्षेप के विरोध में इस्तीफे की चेतावनी
- 9 फरवरी 2021 – 28 जनवरी 2024: समाज कल्याण मंत्री
- 2020: बहादुरपुर से विधायक निर्वाचित
- 2015-2017: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
- 2015: गौरा बौराम से विधायक निर्वाचित
- 2010: बहादुरपुर से पहली बार विधायक निर्वाचित
- 18 जुलाई 2008 – 28 सितंबर 2010: जिला परिषद अध्यक्ष, दरभंगा
- पंचायत राजनीति से राजनीतिक जीवन की शुरुआत
चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 3.85 करोड़ रुपये है, जिसमें 3.06 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति शामिल है। उन पर 79.6 लाख रुपये का ऋण भी दर्ज है। उन्होंने 1992 में दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुंवर सिंह कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उनका जन्म 17 मई 1971 को दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के खराजपुर गांव में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय विंदेश्वर सहनी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जाने जाते थे।
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