
बिहार के गोपालगंज से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। पुलिस ने कुचायकोट थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों पर छापा मारकर 44 नाबालिग लड़कियों को उनके चंगुल से छुड़ाया है। यह कार्रवाई मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
पुलिस ने गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में मंगलवार को 15 से अधिक ऑर्केस्ट्रा समूहों पर छापेमारी की। इस दौरान पांच महिलाओं सहित 21 संदिग्धों को मानव तस्करी और बच्चियों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक कमजोर वर्ग अमित जैन और एसपी विनय तिवारी की देखरेख में चलाए गए इस अभियान में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान और बिहार पुलिस मुख्यालय की संयुक्त टीम शामिल थी। मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है।
कैसे होता था रैकेट का संचालन?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन नाबालिग बच्चियों को पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से बेहतर जिंदगी, फिल्मों में काम और रुपये का लालच देकर झांसा देकर लाया गया था। उनसे भोजपुरी गीतों पर अश्लील नृत्य कराया जाता था। कई लड़कियों ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि कथित प्रेमियों ने उन्हें बेच दिया था और वे लंबे समय से बाल शोषण का शिकार थीं। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि इस कार्रवाई से लड़की तस्करी गिरोहों और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत उजागर हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
इस मामले में कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के गुरुसदे रजना
- उत्तर प्रदेश के बनारस जिले के मनोज सोनार
- पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के सुमित गोरे
- गोपालगंज जिले के कुशौंधी बाजार निवासी विकास कुमार सिंह
- पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के ओमिर बाग सोम
- गोपालगंज जिले के विशम्भरपुर निवासी पिंटू साह
- पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के राहुल मंडल
- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सेफुल्लाह रसखोर
- पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सुब्रतो साधक
- पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के राजू पासवान
- गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी जीत कुमार सिंह
- गोपालगंज जिले के मठवा परसुराम निवासी अनुप कुमार कुशवाहा
- झारखंड के गिरिडीह जिले के शंकर कुमार
- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निवासी आलोक श्रीवास्तव
- पश्चिम बंगाल के नोदिया जिले के रजक मंडल
- गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी नीरज कुमार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद किशोरियों में एक किशोरी राजस्थान की रहने वाली है, जो पिछले पांच वर्षों से लापता थी। उसके गायब होने की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। गोपालगंज पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद की गई लड़कियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल की किशोरियों की है। इन दलालों द्वारा पैसा की लालच देकर उनसे नृत्य कराया जाता था, जो स्पष्ट रूप से बाल शोषण का मामला है।
लड़की तस्करी के खिलाफ पहले भी हुई कार्रवाई
यह पहला मौका नहीं है जब गोपालगंज में इस तरह की कार्रवाई हुई है। इससे पहले 18 मार्च 2026 को गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। उस समय भी ऑर्केस्ट्रा एवं डांस ग्रुप के नाम पर बाहर से लाई गई किशोरियों से जबरन डांस कराया जा रहा था और उनका शोषण किया जा रहा था। उस कार्रवाई के दौरान कुल 10 किशोरियों को बरामद कर मुक्त कराया गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। एक ऑर्केस्ट्रा संचालक और दो संचालिकाओं को भी गिरफ्तार किया गया था।
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