
Bihar Land Reforms: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को निपटाना अब और आसान हो सकता है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने पदभार संभालते ही एक बड़ा फैसला लिया है। अब राजस्व कर्मचारी हर रोज अंचल कार्यालय में नहीं बैठेंगे, बल्कि अपने ब्लॉक में रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। मंत्री ने यह आदेश Bihar Land Reforms के तहत जमीन संबंधी समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए दिया है, ताकि आम जनता को बेवजह भटकना न पड़े।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल पदभार संभालते ही एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने लोगों की जमीन से जुड़े समस्याओं का निपटारा जल्द से जल्द करने के लिए कई आदेश जारी किए हैं। इसी क्रम में डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि अब राजस्व कर्मचारी केवल शनिवार को ही अंचल कार्यालय में मौजूद रहेंगे। बाकी के दिनों में वे अपने निर्धारित ब्लॉक में रहकर जमीन से संबंधित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। इस पहल से उम्मीद है कि भूमि संबंधी विवादों का निपटारा तेजी से होगा और लोगों को राहत मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
राजस्व कर्मचारियों का नया रोस्टर: Bihar Land Reforms का नया अध्याय
जानकारी के अनुसार, मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अब हर रोज कार्यालय में होने वाली बैठकों को बंद करें। इसके बजाय, राजस्व कर्मचारी अपने-अपने ब्लॉक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। अंचल अधिकारी को जरूरत पड़ने पर अन्य दिनों में ऑनलाइन माध्यम से बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने साफ कहा है कि विभाग की पहली प्राथमिकता आम लोगों को राहत पहुंचाना है और जमीन से जुड़ी समस्याओं का समय सीमा के अंदर समाधान सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इस नई व्यवस्था से राजस्व कर्मचारी सीधे जनता से जुड़कर उनकी परेशानियों को दूर कर पाएंगे।
ऑनलाइन बैठकों पर जोर, अंचल कार्यालयों के चक्कर कम
नई व्यवस्था के तहत, राजस्व कर्मचारी अब प्रतिदिन अंचल कार्यालय में होने वाली बैठकों में शामिल नहीं होंगे। सभी कर्मचारी सिर्फ शनिवार को ही अंचल कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसी दिन भू-समाधान दिवस का आयोजन भी होगा, जिसमें वे अपनी सेवाएं देंगे। आवश्यकता पड़ने पर, शनिवार को छोड़कर अन्य दिनों में वे ऑनलाइन माध्यम से बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी राजस्व कर्मचारी निर्धारित रोस्टर के अनुसार अपने-अपने ब्लॉक में मौजूद रहें और दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी सहित अन्य राजस्व मामलों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ब्लॉक स्तर पर ही समस्याओं का समाधान होने से आम लोगों को अंचल कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनका समय व पैसा दोनों बचेगा।
मंत्री का यह कदम बिहार में भूमि विवादों को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को न्याय मिलने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन हो, विभाग नियमित निगरानी भी करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







