spot_img

‘NEET Paper Leak’: पप्पू यादव का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो CBI जांच

spot_img
- Advertisement -

NEET Paper Leak: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में हुई कथित धांधली को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। लाखों छात्रों के भविष्य पर मंडरा रहे खतरे के बीच अब विपक्षी नेता भी मुखर हो रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

- Advertisement -

पूर्णिया में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने NEET Paper Leak मामले पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा को 12 मई को रद्द करने का फैसला लिया गया, जिससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर गहरा मानसिक दबाव पड़ा है। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की और सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की बात कही।

- Advertisement -

‘NEET Paper Leak’: छात्रों के सपनों पर टूटता पहाड़

संवाददाता सम्मेलन के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि वर्ष 1914 के बाद सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हाल के वर्षों में सामने आई हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि पिछली बार 720 अंक लाने वाले 73 छात्रों में कई प्रभावशाली परिवारों के बच्चे शामिल थे, जिस पर गंभीरता से गौर करना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कठिन संघर्ष करते हैं; कई मांएं गहने बेचती हैं, तो कई परिवार कर्ज लेकर कोचिंग की फीस भरते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से उनका मनोबल टूटता है और परीक्षा धांधली से उनका भविष्य अंधकारमय होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bihar Driving Licence: बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस पास करना आसान नहीं, जानें नए Automated Testing System नियम

सरकार की नैतिक जिम्मेदारी और जवाबदेही

पप्पू यादव ने कहा कि जब छात्र महीनों और वर्षों तक तैयारी करते हैं, तब परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। अगर सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में असफल रहती है, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा केवल बिहार या किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के छात्र इससे प्रभावित हुए हैं। परीक्षा धांधली जैसी घटनाओं से NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा और मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले संसद सत्र में वह सबसे पहले नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाएंगे। साथ ही, उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल निगरानी में लाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में छात्रों का भरोसा बना रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bihar Politics: ओसामा शहाब की गिरफ्तारी टली! पटना से खाली हाथ लौटी सीवान पुलिस, जानिए पूरा मामला

ओसामा शहाब: बिहार की सियासत में बुधवार का दिन गहमागहमी भरा रहा। जब सीवान...