
Hospital Development: केवटी में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रखंड रोगी कल्याण समिति की एक अहम बैठक हुई. इस दौरान अस्पताल की साफ-सफाई से लेकर जर्जर भवनों के निर्माण तक, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई और ताबड़तोड़ फैसले लिए गए. अब उम्मीद है कि इलाके के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी.
अस्पताल की सफाई और सुविधाओं पर जोर
केवटी प्रखंड रोगी कल्याण समिति की बैठक बुधवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हुई. इसकी अध्यक्षता बीडीओ चंद्र मोहन पासवान ने की, जबकि सचिव सह प्रभारी डॉ. एन के लाल भी मौके पर मौजूद रहे. बैठक में अस्पताल की साफ-सफाई को लेकर गहन चर्चा की गई और इसे और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया.
स्वास्थ्य विभाग के भवनों में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक पहल की योजना बनाई गई, ताकि काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उन स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एचएससी) पर भी ध्यान दिया गया जहां भूमि उपलब्ध नहीं है या भवन जर्जर स्थिति में हैं. ऐसे केंद्रों के लिए भूमि मुहैया कराने और नए भवन निर्माण करने का अहम निर्णय लिया गया.
जर्जर भवनों का कायापलट: Hospital Development की नई पहल
बैठक में विशेष रूप से कर्जापट्टी के लिए अलग से नया भवन बनाने का फैसला लिया गया. इसके साथ ही मोहम्मदपुर में भी भवन निर्माण और अस्पताल में चहारदीवारी के निर्माण पर भी विस्तृत चर्चा हुई. यह सभी निर्णय क्षेत्र में Hospital Development के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं.
आपको बता दें कि देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। समिति ने यह भी तय किया कि जिन जगहों पर भवन की स्थिति बेहद खराब है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए निर्माण कार्य किए जाएंगे. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केवटी सीएचसी और उसके अंतर्गत आने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में सुधार लाना है.
सदस्यों की मौजूदगी में हुए महत्वपूर्ण निर्णय
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य प्रबंधक दिनेश आनंद, स्वास्थ्य लेखपाल सुनील कुमार पासवान, स्वास्थ्य मूल्यांकन पदाधिकारी श्रीमती हीरा देवी सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया. सभी ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और उनकी गुणवत्ता सुधारने के लिए अपनी राय रखी. केवटी सीएचसी की बेहतरी के लिए लिए गए इन निर्णयों से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.







