
जनगणना 2027: पटना में आने वाली जनगणना को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इस बार मकानों की गिनती और आवास गणना का काम पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जा रहा है, जिसमें मोबाइल ऐप का इस्तेमाल हो रहा है। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को किसी भी हाल में त्रुटिहीन सर्वे कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पटना में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने शुक्रवार को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें जिले में चल रहे मकान सूचीकरण और आवास गणना कार्य की प्रगति का जायजा लिया गया। यह अभियान 2 मई 2026 से शुरू हुआ है और 31 मई 2026 तक चलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिलाधिकारी ने पटना जिले के सभी चार्ज अधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और नोडल अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए कि सर्वे त्रुटिहीन होना चाहिए।
डिजिटल माध्यम से जनगणना 2027: पारदर्शिता और सटीकता पर जोर
प्रशासन ने बताया कि इस बार जनगणना का पूरा काम डिजिटल तरीके से हो रहा है। प्रगणक (enumerators) मोबाइल ऐप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी जुटा रहे हैं। जिलाधिकारी ने बैठक में जोर देकर कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की नींव होती है और इसी के आधार पर भविष्य की नीतियां व सरकारी योजनाएं बनती हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी दें। अधिकारियों ने बताया कि प्रगणक 33 सवालों के आधार पर परिवारों से जानकारी ले रहे हैं। यह सभी डेटा जनगणना अधिनियम 1948 के तहत गोपनीय और सुरक्षित रहेगा। यह डिजिटल सर्वे प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाता है।
पहले चरण का अभियान और निगरानी
प्रशासन के अनुसार, जनगणना 2027 का पहला चरण मकान सूचीकरण और आवास गणना पर केंद्रित है। इसके तहत हर घर की स्थिति, परिवारों की संख्या और आवास संबंधी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जा रही है। प्रगणकों को विशेष मोबाइल एप्लिकेशन उपलब्ध कराया गया है, जिसके जरिए डेटा सीधे सिस्टम में अपलोड हो रहा है। जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र के चार्जों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया ताकि कोई त्रुटि न रह जाए। उन्होंने प्रखंड स्तरीय वरीय नोडल अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को नियमित बैठक करने और प्रगणकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने को भी कहा। बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ चार्ज अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटना जिले में जनगणना कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए 13 सदस्यीय जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति सक्रिय है। इसके साथ ही जिला जनगणना कोषांग भी लगातार काम कर रहा है। सभी अधिकारियों को गृह मंत्रालय, भारत सरकार और बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने नागरिकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी, गलत जानकारी या संदेह की स्थिति में लोग टोल फ्री नंबर 1855 पर सूचना दे सकते हैं। प्रशासन का दावा है कि यह पूरा डिजिटल सर्वे पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें





