
मोतिहारी विसर्जन: पूर्वी चंपारण के ढाका प्रखंड अंतर्गत भंडार गांव में आयोजित विष्णु महायज्ञ का समापन शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से हो गया। कलश यात्रा के दौरान हुए तनाव के बाद, प्रशासन की कड़ी निगरानी में मूर्ति विसर्जन संपन्न कराया गया, जहां चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था।मूर्तियों का विसर्जन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। दरअसल, यज्ञ के दौरान निकाली गई कलश यात्रा में दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
मोतिहारी विसर्जन: प्रशासन की सतर्कता लाई रंग
प्रशासन को आशंका थी कि विसर्जन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए। इसी को देखते हुए सिकरहना एसडीपीओ उदय शंकर के नेतृत्व में एक दिन पहले फ्लैग मार्च निकाला गया था, ताकि लोगों में भरोसा कायम रहे और शांति व्यवस्था बनी रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
ड्रोन कैमरों से हुई निगरानी
शुक्रवार को पूरे भंडार गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। यज्ञ स्थल से लेकर विसर्जन स्थल तक भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात स्वयं मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करते रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके पर नजर रखी गई, जबकि सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।प्रशासन की सतर्कता और मुस्तैदी के कारण विष्णु महायज्ञ का समापन और मोतिहारी विसर्जन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी और दोनों पक्षों के समझदार लोगों के सहयोग से सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहा। एहतियातन इलाके में अभी भी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




