Thawe Temple Restoration: बिहार के गोपालगंज स्थित प्रसिद्ध थावे मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य में चल रही अत्यधिक देरी पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कार्य में लापरवाही और सुस्ती पाए जाने पर पर्यटन निगम के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई कार्य की सुस्त रफ्तार और कथित अनियमितताओं को लेकर की गई है।
मुख्य सचिव खुद करेंगे Thawe Temple Restoration का निरीक्षण
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया है कि वे स्वयं 27 मई को थावे मंदिर परिसर का भौतिक निरीक्षण करेंगे और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने इस दौरान कड़ी चेतावनी दी कि निरीक्षण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही पाए जाने पर संवेदक (ठेकेदार) और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विधायक की शिकायत के बाद बड़ा एक्शन
इस मामले में विधानसभा के उप मुख्य सचेतक मंजीत सिंह ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में शुरू हुए इस महत्वपूर्ण Thawe Temple Restoration प्रोजेक्ट को 30 जनवरी 2025 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक 30 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। मंजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी विपत्र (बिल) बनाकर राशि की निकासी कर ली गई है। इन गंभीर आरोपों के बाद ही राज्य सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इस पूरे प्रकरण से थावे मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर सरकार की गंभीरता स्पष्ट दिखती है, खासकर देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गोपालगंज जिले में।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक और निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक, मुख्य अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







