Darbhanga Road News: बिहार के दरभंगा जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बिहार कैबिनेट ने क्षेत्र में सड़कों के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं पर 1400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे, जिससे लोगों के आवागमन और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को नई उड़ान मिलेगी।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है कैबिनेट का यह बड़ा फैसला?
बिहार कैबिनेट ने पथ निर्माण विभाग की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह फैसला जाले विधानसभा के साथ-साथ पूरे मिथिला क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। पहली परियोजना बिहार स्टेट हाईवे परियोजना (चार) के तहत राज्य उच्च पथ संख्या-97 विशनपुर-अतरबेल एनएच-57-जाले-घोघराहा चट्टी एसएच-52 पथ से संबंधित है। इसकी लगभग 47.875 किलोमीटर लंबाई के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 990 करोड़ तीन लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है।इसके अतिरिक्त, दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना राज्य उच्च पथ संख्या-52 (सीतामढ़ी-पुपरी-बेनीपट्टी) पथ की लगभग 51.261 किलोमीटर लंबाई में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए है। इसके लिए 434 करोड़ 37 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। जाले विधायक एवं पूर्व मंत्री जीवेश कुमार के निजी सचिव ने एक विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी।
जाले विधानसभा के विकास को मिलेगी नई दिशा
इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने से जाले विधानसभा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में एक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी। सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी, जिससे व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आमजन को आवागमन में भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बचेंगे।इस बड़ी उपलब्धि पर विधायक जीवेश कुमार ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से जाले विधानसभा के विकास को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति को बल मिलेगा।आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सूबे के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा BSHP-IV (Bihar State Highway Project IV) के अंतर्गत एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा वित्त सम्पोषित कुल पाँच परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा, सुपौल एवं बक्सर जिले में एक-एक परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है।
ई.शैलेन्द्र ने बताया कि मधुबनी जिलान्तर्गत मधुबनी-राजनगर-खुटौना पथ के 38.875 किमी लम्बाई का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य कुल 632.72 करोड़ रुपये के प्राक्कलित राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में। यह पथ परियोजना मधुबनी से प्रारम्भ होकर हरिनगर, बेहलवार, परिहारपुर, राजनगर, भगवानपुर, भटगामा, श्यामसीधप, बाबूबरही, सोनापट्टी, मोहनपुर, भूपति, खोजपुर, पथराही, दोनवारीहाट होते हुए बरैल चैक में समाप्त होती है। यह पथ एनएच 527ए के मधुबनी बाईपास से शुरू होकर बरैल चैक में एसएच 51 में समाप्त होती है। इस पथ में राजनगर नौलखा पैलेस, मधुबनी पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध जितवारपुर गाँव स्थित है, जिससे सांस्कृतिक दृष्टिकोण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह पथ कपिलेश्वर स्थान, उच्चैठ भवगवी स्थान को सम्पर्कता प्रदान करेगी। इस पथ में राजनगर में एक आरओबी एवं बाईपास तथा बाबुबरही में बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
ई शैलेन्द्र ने कहा कि सीतामढ़ी जिलान्तर्गत राज्य उच्च पथ संख्या-52 (सीतामढ़ी-पुपरी-बेनीपट्टी) पथ के 51.261 किमी लम्बाई का कुल 434.37 करोड़ रुपये की लागत से चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पथ परियोजना सीतामढ़ी में एनएच 227 से शुरू होकर एनएच 22, एनएच 527सी, एसएच 92 को पार करते हुए एनएच 227जे में जाकर बेनीपट्टी में मिलती है। इस पथ से श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पुनौराधाम (सीतामढ़ी), उच्चैठ भगवती स्थान (बेनीपट्टी) एवं जनकपुर धाम (नेपाल) जाने हेतु सुगम सम्पर्कता प्रदान करेगी। इस पथ में पुपरी में करीब 4.50 किमी का बाईपास प्रस्तावित है, जिससे जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
ई. शैलेन्द्र ने बताया कि दरभंगा जिलान्तर्गत राज्य उच्च पथ संख्या-97 (विशनपुर-अतरबेल- जाले- घोघरचट्टी पथ के 47.875 किमी लम्बाई का कुल 990.035 करोड़ की लागत से उन्नयन एवं सुदृढ़ीेकरण कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पथ परियोजना एसएच 97 दरभंगा जिले के विशनपुर से प्रारम्भ होकर घोड़ियाला, कोलहंता पटोरी, सरवारा, अतरबेल, रामपुर, सिंहवारा, कटासा, मड़ीकौली, भगवानपुर, घड़वाल, भरवारा, रतनपुर, कछुआ, पकटोला, कटरा, जाले होते हुए घोघराचट्टी में समाप्त होती है। यह पथ एसएच 50, एसएच 52 एवं एन0एच0 27 को सम्पर्कता प्रदान करेगी। साथ ही इस पथ के माध्यम से दरभंगा, सीतामढ़ी के निवासियों को जनकपुर धाम (नेपाल) जाना सुलभ हो पायेगा। इस पथ में कुल चार बाईपास का प्रावधान किया गया है जिससे आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। इसके अतिरिक्त इस पथ में जाले के निकट लगभग 200 एकड़ में लाॅजिस्टिक पार्क का निर्माण हो रहा है, जिसे उक्त पथ के माध्यम से सम्पर्कता प्रदान होगी।
ई. शैलेन्द्र ने बताया कि सुपौल जिलान्तर्गत राज्य उच्च पथ संख्या-92 (गणपतगंज-परवाहा) पथ के 47.432 कि0मी0 लम्बाई का कुल 703.95 करोड़ रुपये के प्राक्कलित राशि पर चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पथ परियोजना गणपतगंज से प्रारम्भ होकर धरहरा, हरिपुर, हुसैनाबाद, हनुमान नगर, राघोपुर, सुखानहर, भवानीपुर, सूर्यापुर, नरैहिया, लालगंज, छातापुर, सोहता, गिरीधरपट्टी, सरदारटोला, तामगंज, घीवा होते हुए परहरवा में समाप्त होती है। यह पथ एनएच 131, एसएच 91 एवं एसएच 77 को सम्पर्कता प्रदान करेगा। इसमें कुल चार बाईपास यथा; गणपतगंज, प्रतापगंज-परसा बीरबल, नरहिया एवं परवाहा का प्रावधान किया गया है जिससे आवागमन सुगम होगा और जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। यह पथ मुख्य रूप से एनएच 27 का वैकल्पिक मार्ग होगा और इससे यहाँ के किसानों को अपना कृषि उत्पाद बाजार तक शीघ्र पहुँचाने में मदद मिलेगी।
ई. शैलेन्द्र ने बताया कि बक्सर जिलान्तर्गत ब्रह्मपुर- कोरनसराय- इटाढ़ी- सरंजा- इटाढ़ी- बक्सर तथा उजियारपुर- कुकराहा- जमुआंव- इंदौर- समदा पथ के 80.728 किमी लम्बाई का कुल 982.58 करोड़ रुपये की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पथ परियोजना ब्रह्मपुर से प्रारम्भ होकर रघुनाथपुर, राजपुर, एकरासी, पकड़ी, उजियारपुर, सुक्ररौलिया, सिद्धाबांध, सरंजा, जगदीशपुर, कतर, परैइना, जलिलपुर, इटाढ़ी, इंदौर होते हुए समदा में समाप्त होती है। यह पथ ग्रामीणों को जिलास्तरीय सुलभ सम्पर्कता एवं क्षेत्र के विकास में अत्यधिक सहायक होगी। यह पथ आरा-बक्सर एनएच 922 के ब्रह्मपुर से प्रारम्भ होकर एनएच 120 एवं एस0एच0 17 को पार करते हुए एनएच 319ए में जलीलपुर में जाकर मिलती है। यह पथ मुख्य रूप से एनएच 922 का वैकल्पिक मार्ग होगा। यह पथ प्रसिद्ध ब्रह्मेश्वर स्थान, ब्रहम्पुर को सम्पर्कता प्रदान करती है। यह पथ चैसा थर्मल पावर प्लांट एवं नवानगर इण्डस्ट्रीयल एरिया को भी सम्पर्कता प्रदान करती है।
ई. शैलेन्द्र ने कहा कि शीघ्र ही इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु निविदा निर्गत की जायेगी।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







