Bihar Court News: बिहार सरकार ने न्यायपालिका को आधुनिक बनाने और त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) या हाइब्रिड कारें खरीदने की मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही, शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई तेज करने के लिए दो नए कोर्ट खोलने का भी निर्णय लिया गया है।
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Bihar Court News: न्यायाधीशों को मिलेंगी EV गाड़ियां, 3.70 करोड़ रुपये स्वीकृत
न्यायपालिका को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) या हाइब्रिड कारें खरीदने को आकस्मिकता निधि से 3.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का यह फैसला न केवल न्यायाधीशों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने में भी योगदान देगा।
सम्राट कैबिनेट की बैठक में 27 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें यह बड़ा फैसला भी शामिल था। इस निर्णय से पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीशों को आधुनिक, कम रखरखाव वाली और पर्यावरण-अनुकूल वाहन उपलब्ध होंगे। EV और हाइब्रिड गाड़ियां ईंधन की बचत के साथ-साथ शोर-प्रदूषण को भी कम करती हैं, जो न्यायालय परिसर जैसे शांत वातावरण के लिए उपयुक्त है। ये गाड़ियां उच्च गुणवत्ता वाली और सुरक्षा मानकों पर खरीदी जाएंगी, ताकि न्यायाधीशों की आवागमन सुविधा सुनिश्चित हो सके। यह कदम बिहार सरकार की सस्टेनेबल डेवलपमेंट और ग्रीन इनिशिएटिव नीति के अनुरूप है। पहले भी कई राज्यों में हाई कोर्ट जजों के वाहनों को EV में बदलने की दिशा में प्रयास किए जा चुके हैं। बिहार में यह पहल न्यायिक व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
शराबबंदी के मामलों के लिए खुलेंगे 2 नए कोर्ट, मिलेगी राहत
इसके साथ ही, बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई को तेज करने के लिए दो नए कोर्ट खोलने का भी फैसला किया है। ये कोर्ट मधुबनी जिले के बेनीपुर और दरभंगा जिले में स्थापित किए जाएंगे। शराबबंदी के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम अत्यंत जरूरी माना जा रहा था।
सरकार ने इन नए कोर्टों के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के दो नए पद भी मंजूर किए हैं। इन पदों पर नियुक्ति के बाद शराब निषेध से संबंधित मुकदमों की सुनवाई प्रभावी ढंग से हो सकेगी। बेनीपुर में कोर्ट खुलने से स्थानीय अधिवक्ताओं और मुकदमेबाजों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब दूर-दराज के कोर्टों में नहीं जाना पड़ेगा।
शराबबंदी कानून लागू होने के बाद बिहार में ऐसे मामलों की संख्या काफी बढ़ गई है। पटना हाई कोर्ट समेत निचली अदालतों में इन मामलों के बोझ से सामान्य मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी। इन नए फैसलों से न केवल केस पेंडेंसी कम होगी बल्कि न्याय मिलने में तेजी भी आएगी।
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