Darbhanga Nadi Hadsa News: दरभंगा में एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। किरतपुर प्रखंड के जमालपुर थाना क्षेत्र स्थित तरवाड़ा घाट के पास सहायक कोसी नदी में नाव पलट गई। इस हादसे में अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिनमें एक चार माह की गर्भवती थी। वहीं, एक 11 साल की बच्ची अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
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दो महिलाओं की मौत, बच्ची की तलाश जारी
इस भयावह दुर्घटना में मृतकों की संख्या अब दो हो गई है। बचाव दल ने बृहस्पतिवार को चार माह की गर्भवती अमीरा देवी का शव नदी से बरामद कर लिया। यह शव घटना स्थल से लगभग 500 मीटर दूर पानी से निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। अमीरा देवी की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी, और उनके निधन से परिवार में कोहराम मच गया है।
इससे पहले, बुधवार को ही कंचन देवी का शव 7 किलोमीटर दूर से बरामद किया गया था। इस हादसे में लापता हुई 11 साल की बच्ची नेहा कुमारी की तलाश अभी भी जारी है। जमालपुर के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने पुष्टि की कि नाव पलटने के बाद कंचन देवी, अमीरा देवी और नेहा कुमारी के लापता होने की जानकारी मिली थी। प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार नेहा की खोज में जुटी हुई है।
बुधवार की सुबह किरतपुर प्रखंड के तरवाड़ा गांव के ग्रामीण नाव से नदी पार कर खेतों में मूंग तोड़ने और अन्य कृषि कार्यों के लिए जा रहे थे। लगभग दस हाथ लंबी इस नाव पर सात महिलाएं और तीन बच्चे सहित कुल 10 लोग सवार थे। नदी में पानी का बहाव काफी तेज था, और जैसे ही नाव बीच धारा में पहुंची, संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। नाव पलटते ही सभी लोग नदी की तेज धारा में बहने लगे।
मां ने बचाई बेटे की जान, खुद मौत को लगाया गले
इस दर्दनाक हादसे में कई हृदय विदारक कहानियां सामने आईं, जिनमें कंचन देवी की कहानी सबसे मार्मिक है। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के अनुसार, कंचन देवी नाव चलाने में निपुण थीं और प्रतिदिन नदी पार कर खेती का काम करती थीं। जब नाव डूबी, तो उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए उसे नदी किनारे की ओर धकेल दिया। इस तरह उनके बेटे की जान तो बच गई, लेकिन वह खुद तेज धारा में बह गईं और काल के गाल में समा गईं।
कंचन देवी अपने पीछे 12 साल के पंकज कुमार और 10 साल के प्रियांशु कुमार नामक दो बेटों को छोड़ गई हैं। उनके असामयिक निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कंचन देवी के पति दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वे फ्लाइट से दरभंगा पहुंचे, जिसके बाद कंचन देवी का अंतिम संस्कार किया गया। यह Bihar Boat Accident ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है।
घटनास्थल पर मौजूद आपदा मित्र रविन्द्र कुमार ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया था। उनके प्रयासों से हादसे में गिरे सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई।
प्रशासन का लगातार जारी है खोज अभियान
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ शशांक राज, एसडीपीओ प्रभाकर कुमार तिवारी, सीओ आशुतोष सन्नी और जमालपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओ के निर्देश पर एसडीआरएफ (State Disaster Response Force) की टीम को भी बचाव कार्य में लगाया गया है। स्थानीय गोताखोर भी लगातार नेहा कुमारी की तलाश में जुटे हुए हैं।
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पूरे तरवाड़ा और आसपास के गांवों में इस समय मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण अभी भी लापता बच्ची नेहा कुमारी की सकुशल बरामदगी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक बच्ची का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। यह दुखद घटना मानवीय लापरवाही और नदी में सुरक्षा मानकों की कमी की ओर भी इशारा करती है, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
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