Darbhanga Krishi News: दरभंगा के केवटी प्रखंड में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कृषि कर्मशाला का आयोजन किया गया। शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अन्नदाताओं को आधुनिक कृषि पद्धतियों और जैविक खेती के महत्व से अवगत कराना था, ताकि वे अपनी उपज बढ़ा सकें और अपनी आय में सुधार कर सकें।
प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित कृषि कार्यालय सभागार में शुक्रवार को यह कार्यशाला संपन्न हुई। इस आयोजन का लक्ष्य खरीफ फसलों की बुवाई से पहले किसानों को नवीनतम तकनीकों और सरकारी सहायता के बारे में जागरूक करना था। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय चौबे ने इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिसमें कई कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

कर्मशाला में प्रखंड कृषि पदाधिकारी ईशानी मिश्रा सहित कृषि समन्वयक धनंजय कुमार, आशुतोष कुमार झा, संजय कुमार, कृष्ण कांत झा और मुरारीमोहन मिश्रा जैसे अनुभवी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने और इसके बजाय अधिक से अधिक जैविक खादों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया, जो मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल की गुणवत्ता के लिए बेहतर है।
दरभंगा कृषि समाचार: किसानों के लिए आधुनिक तकनीकें
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे फसल उत्पादन में वृद्धि के लिए नियमित रूप से अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराएं। मिट्टी की जांच से यह पता चलता है कि खेत को किन पोषक तत्वों की आवश्यकता है, जिससे उर्वरकों का सही और संतुलित उपयोग हो सके। इसके अतिरिक्त, खरपतवार नियंत्रण के लिए उचित दवाओं के उपयोग और धान की बेहतर उपज के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बिचड़ों को तैयार कर समय पर रोपाई करने के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
धान की खेती में सही समय पर बिचड़ा तैयार करना और उसकी रोपाई करना उपज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और सही कृषि पद्धतियों का पालन करके ही अधिकतम उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह सुनिश्चित करना कि फसल को उसके विकास के हर चरण में उचित देखभाल मिले, किसानों की सफलता की कुंजी है।
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सरकारी योजनाओं से किसानों को मिलेगा लाभ
कर्मशाला में उपस्थित किसानों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन जमाबंदीधारी किसानों ने अभी तक अपना किसान पंजीकरण (फार्मर रजिस्ट्रेशन) नहीं कराया है, वे इसे शीघ्र करवा लें। यह पंजीकरण देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Bihar Kisan Yojana सहित कृषि विभाग की अन्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस पंजीकरण के माध्यम से किसानों को खाद, बीज, कृषि उपकरण और अन्य सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ मिल पाएगा। साथ ही, उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई में भी मदद मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। यह कदम कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कृषि विशेषज्ञों से अपनी खेती से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान और नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। किसानों ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं और विशेषज्ञों ने उनके सवालों के संतोषजनक जवाब दिए, जिससे यह कर्मशाला बेहद सफल रही।
इस अवसर पर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष श्रवण कुमार मिश्र, लोजपा प्रखंड अध्यक्ष रमण कुमार मिश्र, पंचायत समिति सदस्य शत्रुध्न साह, मुखिया संघ के अध्यक्ष इफ्तेखार अहमद, जदयू महिला सेल की इस्मत जहां और पूर्व प्रखंड अहमद रेजा बब्लू जैसे कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और दर्जनों किसान मौजूद थे। सभी ने इस पहल की सराहना की।
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इस तरह की कृषि कर्मशालाएं किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ने और अपनी उपज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह पहल न केवल स्थानीय कृषि को सशक्त करेगी बल्कि अन्नदाताओं की आय में भी वृद्धि करेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और क्षेत्र में खुशहाली आएगी। सरकार और किसानों के बीच यह संवाद कृषि विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है।








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