Rishu Shri: राजधानी पटना की विशेष निगरानी अदालत ने भ्रष्टाचार के एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी रिशु श्री को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया गया है। इस दौरान जांच एजेंसी बेनामी संपत्तियों और छिपे हुए नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए उनसे गहन पूछताछ करेगी।
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जांच एजेंसी की दलीलें और कोर्ट का फैसला
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने अदालत के समक्ष अपना मजबूत पक्ष रखा। जांच दल ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की गहराई तक जाना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई डिजिटल सबूत और कागजात मिले हैं, जिनका सामना आरोपी से कराना है। वित्तीय गड़बड़ियों के इस खेल में कई अन्य सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका है, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए रिमांड की अनुमति दे दी।
बेउर जेल प्रशासन को निर्देश और आगे की प्रक्रिया
अदालत का आदेश मिलते ही कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। विशेष अदालत ने बेउर केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को लिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जेल प्रशासन को तय नियमों के तहत आरोपी रिशु श्री को एसवीयू के हवाले करना होगा। कस्टडी के दौरान आरोपी की सुरक्षा और मेडिकल जांच का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। कागजी कार्रवाई पूरी होते ही टीम उन्हें अपने साथ ले जाएगी।
पूछताछ का असली दौर और संभावित खुलासे
एसवीयू के सूत्रों के अनुसार, यह पांच दिनों का समय जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारी उन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेंगे, जो अब तक अधूरी थीं। आरोपी के बैंक खातों के लेनदेन और हालिया दौरों की कड़ाई से पड़ताल की जाएगी। कई गवाहों के बयानों से भी इस पूछताछ के इनपुट का मिलान किया जाएगा, जिससे नए खुलासों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, स्पेशल विजिलेंस यूनिट इस पूछताछ से मिले तथ्यों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। यह रिपोर्ट एक बार फिर अदालत के समक्ष पेश की जाएगी, जिससे इस हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार मामले की आगे की दिशा तय होगी।






