Patna Gold Silver Price: मंगलवार को पटना के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 16 जून को 24 कैरेट सोने का भाव ₹552 प्रति 10 ग्राम गिरकर ₹1.50 लाख पर आ गया। इसी तरह, चांदी ₹4,421 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर ₹2.47 लाख पर पहुंच गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब कीमती धातुओं के दाम लगातार बढ़ रहे थे।
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इस साल अब तक ₹17000 महंगा हुआ सोना: खरीदारों के लिए चिंता
हालिया गिरावट के बावजूद, साल 2026 में सोने की कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.33 लाख था। IBJA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब यह ₹1.50 लाख है। इसका मतलब है कि छह महीने से भी कम समय में सोने की कीमत में लगभग ₹17,000 की बढ़ोतरी हुई है। आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ती महंगाई और बाजार की अस्थिरता के दौरान सोने को अक्सर सुरक्षित निवेश माना जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमतों पर असर पड़ता है।
चांदी ने भी इस साल मजबूत बढ़त दर्ज की है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 को चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम पर थी। 16 जून की गिरावट के बाद भी, मौजूदा दर ₹2.47 लाख प्रति किलोग्राम है। इस साल चांदी की कीमत में भी लगभग ₹17,000 प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है, जो कीमती धातुओं के बाजार में मजबूत रुझान को दर्शाता है। चांदी की मांग सिर्फ निवेश से नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से भी प्रभावित होती है।
बिहार में क्या होगा इसका असर? जानिए ज्वैलर्स की राय
सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को बिहार में बारीकी से देखा जाता है। यहां कीमती धातुओं की महत्वपूर्ण भूमिका शादियों, त्योहारों और घरेलू बचत में होती है। दैनिक दरों में कमी उन खरीदारों को अस्थायी राहत दे सकती है, जो आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, कीमतें अभी भी 2025 के अंत की तुलना में काफी अधिक हैं।
पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और दरभंगा जैसे जिलों के ज्वैलर्स अक्सर ग्राहकों की बढ़ती रुचि देखते हैं, जब बुलियन की कीमतों में अल्पकालिक सुधार होता है। स्थानीय बाजार में इस गिरावट से कुछ दिनों के लिए ग्राहकों की भीड़ बढ़ सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रुझान अभी भी तेजी का ही है।
सोना-चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आभूषण पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क प्रमाणन हो। हॉलमार्क वाले सोने में एक अल्फान्यूमेरिक पहचान कोड होता है, जो शुद्धता और प्रामाणिकता को सत्यापित करने में मदद करता है। खरीदारों को खरीददारी करने से पहले मौजूदा बाजार दरों की तुलना भी करनी चाहिए।
सोने की कीमतें शुद्धता के स्तर के अनुसार अलग-अलग होती हैं, जिनमें 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट श्रेणियां शामिल हैं। IBJA डेटा सहित कई स्रोतों से दरों की जांच करने से उपभोक्ताओं को सूचित निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। चांदी खरीदने वाले उपभोक्ता प्रामाणिकता का आकलन करने के लिए कुछ बुनियादी जांच का उपयोग कर सकते हैं। चुंबक परीक्षण सबसे आम तरीकों में से एक है; असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
एक अन्य तरीका बर्फ परीक्षण है। असली चांदी पर बर्फ तेजी से पिघलती है, क्योंकि इस धातु की तापीय चालकता अधिक होती है। चांदी आमतौर पर गंधहीन होती है; तेज धात्विक या तांबे जैसी गंध अन्य धातुओं की उपस्थिति का संकेत दे सकती है। कपड़े का परीक्षण भी एक सुराग दे सकता है; सफेद कपड़े से चांदी को रगड़ने पर प्राकृतिक ऑक्सीकरण के कारण एक काला निशान पड़ सकता है, जिसे अक्सर असली चांदी का संकेत माना जाता है।
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बुलियन बाजार के जानकार बताते हैं कि सोने-चांदी की कीमतें वैश्विक बाजार के रुझानों, घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करती हैं। आने वाले हफ्तों में इन कारकों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, ताकि बिहार के उपभोक्ता अपनी खरीददारी के लिए सही समय का चुनाव कर सकें। यह देखना होगा कि यह गिरावट अस्थायी है या बाजार में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है।






