Darbhanga News: बिहार के दरभंगा जिले के जाले प्रखंड स्थित ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत में पौराणिक महर्षि गौतम आश्रम, जिसे गौतम कुंड के नाम से जाना जाता है, इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। मलमास के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां हजारों लोग प्रतिदिन पवित्र कुंड में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
हजारों श्रद्धालु लगा रहे आस्था की डुबकी
जानकारी के अनुसार, 14 जून से गौतम कुंड में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ये भक्त यहां पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाते हैं और उसके बाद श्री सीताराम जी के मंदिर, गौतमेश्वर महादेव तथा पूज्य महाराज के समाधि स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। यह स्थान अपनी धार्मिक महत्ता के कारण दूर-दराज से आने वाले भक्तों को आकर्षित कर रहा है।




क्या है गौतम कुंड का ‘पाताल गंगा’ रहस्य?
गौतम कुंड के मुख्य पुजारी राम कृपाल दास ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मलमास के दौरान इस क्षेत्र में देवी-देवताओं का विशेष वास होता है। इसी गहरी आस्था के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु गौतम कुंड पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस कुंड को ‘पाताल गंगा’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यहां गंगा की धारा भूमिगत रूप से प्रवाहित होती है।
“धार्मिक ग्रंथों में गंगा स्नान को पापों के नाश, मोक्ष की प्राप्ति, पितरों की तृप्ति, रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति का माध्यम माना गया है।” – मुख्य पुजारी राम कृपाल दास
श्रद्धालु इन्हीं प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के तहत गौतम कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस क्षेत्र में भक्तों की बढ़ती संख्या से पूरे आश्रम परिसर में एक अलौकिक और धार्मिक माहौल बना हुआ है, जो आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत है।मलमास का यह पावन महीना गौतम कुंड के महत्व को और बढ़ा रहा है, और आने वाले दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहने की उम्मीद है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखता है, जिससे स्थानीय समुदाय में भी उत्साह का संचार हो रहा है।







