Darbhanga News: दरभंगा। दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में ऑटोमेशन सिस्टम के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। प्रधान महालेखाकार, पटना की ऑडिट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट ने इन अनियमितताओं का पर्दाफाश किया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
ऑडिट रिपोर्ट में 92 लाख से अधिक का अनियमित भुगतान
प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट के अनुसार, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और मेसर्स साफ्टप्रो इंडिया कंप्यूटर टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के बीच वर्ष 2021 में कॉलेज ऑटोमेशन सिस्टम के लिए एक अनुबंध हुआ था। इस अनुबंध की शर्तों के मुताबिक, प्रथम वर्ष के स्थापना शुल्क में ही एक साल का सपोर्ट और मेंटेनेंस शामिल था। इसके बावजूद, एजेंसी को प्रथम वर्ष के मेंटेनेंस के नाम पर 92 लाख 250 रुपये का अतिरिक्त और नियम-विरुद्ध भुगतान कर दिया गया। ऑडिट ने इस राशि को पूरी तरह ‘अदेय’ यानी गलत माना है।




विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगी विस्तृत विवरणी
इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के उजागर होने के बाद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रधान महालेखाकार, पटना की ऑडिट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट के आधार पर, विश्वविद्यालय ने 16 जून को सभी संबंधित प्राचार्यों से साक्ष्य और इस मामले की विस्तृत विवरणी की मांग की है। विश्वविद्यालय ने इसे ‘अत्यंत आवश्यक’ बताते हुए जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऑटोमेशन सिस्टम के अनुबंध में प्रथम वर्ष का मेंटेनेंस शुल्क स्थापना शुल्क में ही शामिल था, फिर भी एजेंसी को 92 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जो पूरी तरह से नियम-विरुद्ध है।
इस मामले के सामने आने से विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मांगी गई विस्तृत जानकारी के बाद इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह देखना होगा कि इस बड़ी वित्तीय अनियमितता पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और छात्रों के हित में यह राशि कैसे वसूल की जाती है।







