Jamui News: बिहार की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जमुई जिले के मलयपुर पुलिस लाइन में बुधवार को भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। इस समारोह में 263 युवा रंगरूटों ने 216 दिनों का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर बिहार पुलिस बल का औपचारिक रूप से हिस्सा बन गए। ये नव-प्रशिक्षित जवान जल्द ही राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे, जहां वे लोगों की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
216 दिनों का कठोर प्रशिक्षण: एक नया अध्याय
मलयपुर स्थित पुलिस लाइन की पावन भूमि पर इन 263 रंगरूटों को जिला पुलिस बल और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल की 11वीं वाहिनी के अनुभवी अनुदेशकों द्वारा 216 दिनों तक गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें बीएनएस, बीएनएसएस, बीएसए, कंप्यूटर संचालन, वायरलेस संचार, सोशल मीडिया प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, हथियारों का उपयोग, ड्रिल, शारीरिक दक्षता, फील्ड और बैटल क्राफ्ट, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, हथियारों को खोलना और जोड़ना, दंगा नियंत्रण, सिपाही नियमावली, पीटी, परेड, ड्यूटी के दौरान अनुशासन और उचित व्यवहार जैसे आंतरिक और बाहरी विषयों का विस्तृत ज्ञान प्रदान किया गया। यह तीसरा बैच है जिसने इस पुलिस लाइन से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इससे पहले, जून 2022 में 383 महिला पुलिस कर्मियों का पहला बैच और 8 नवंबर 2023 को 490 रंगरूटों का दूसरा बैच पास आउट हुआ था।




डीआईजी और एसपी ने बढ़ाया हौसला
पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि डीआईजी राकेश कुमार ने सभी 263 नव-नियुक्त पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्य निष्ठा और समर्पण का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि हर जवान की मुद्रा उनके बुलंद हौसलों की गवाह है और परेड में शामिल सभी आठ प्लाटून निरीक्षण की कसौटी पर खरे उतरे हैं। डीआईजी ने मार्च पास्ट में रंगरूटों द्वारा दिखाए गए अद्भुत अनुशासन और तालमेल की सराहना करते हुए इसे उनकी लगन और मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने ‘सेवा, सुरक्षा और संवेदनशील पुलिसिंग’ को वर्दीधारियों के लिए मूल मंत्र बताते हुए सभी को गरिमामय, ऊर्जावान और अनुशासित रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए नव-प्रशिक्षित जवानों को बिहार पुलिस टीम का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब ‘ट्रेनी’ शब्द उनके नाम से हट गया है और वे पूरी ईमानदारी व हौसले के साथ बिहार के लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए काम करेंगे।
भव्य आयोजन और सम्मान समारोह
पासिंग आउट परेड को यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। पुलिस लाइन के मैदान को दुल्हन की तरह सजाया गया था। प्रशिक्षु जवानों ने मार्च पास्ट के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बैंड की धुन से समारोह को गरिमा प्रदान की, वहीं राष्ट्रगान ने सभी को देशप्रेम की भावना से भर दिया। राज्य उद्घोषक डॉ. निरंजन कुमार ने अपने साहित्यिक लहजे में मंच संचालन कर खूब वाहवाही लूटी। डीआईजी राकेश कुमार ने परेड में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मुख्य कमांडर विनीत कुमार, द्वितीय कमांडर साहिल कुमार और अनुदेशक शशिभूषण सिंह को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने डीएसपी लाइन सुरेश प्रसाद की भूमिका की भी खुले दिल से प्रशंसा की। इस मौके पर डीआईजी प्रशिक्षण रमन कुमार चौधरी, डीएम नवीन, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल 11वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार, सीआरपीएफ के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल, एसएसबी के उप कमांडेंट गोविंद कुमार, डीटीओ डॉ. सुनील कुमार, सार्जेंट निरंजन कुमार, देवेश विक्रम, राजू कुमार, सुमित कुमार समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह के अंत में सामूहिक वृक्षारोपण और फोटो सेशन का आयोजन किया गया, जिसके बाद दीक्षांत परेड उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
यह दिन न केवल इन जवानों के लिए बल्कि पूरे बिहार पुलिस परिवार के लिए गौरव का क्षण था, जो अब और भी अधिक सशक्त होकर जनता की सेवा के लिए तत्पर है। इन जवानों की तैनाती से राज्य में कानून-व्यवस्था और सुदृढ़ होने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।







