Bihar Mineral Transport: बिहार में अब दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, गिट्टी, पत्थर और अन्य लघु खनिजों के परिवहन पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। अवैध खनन और राजस्व चोरी को रोकने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने ‘इंटर स्टेट ट्रांजिट पास’ (ISTP) अनिवार्य कर दिया है। यह नया नियम 18 जून 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के भीतर खनिजों के अवैध प्रवेश और परिवहन पर लगाम लगाना है।
इस नियम के तहत, यदि कोई वाहन बिना वैध ISTP के बिहार की सीमा में प्रवेश करता है या पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। हाल ही में इस नियम की गंभीरता को दिखाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की गई है।




ISTP क्या है और क्यों हुआ अनिवार्य?
इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) एक प्रकार का ऑनलाइन अनुमति पत्र है, जो दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले बालू, गिट्टी, पत्थर, मोरंग और अन्य लघु खनिजों से भरे वाहनों के लिए अनिवार्य किया गया है। इसे खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा जारी किया जाता है। इस पास के अनिवार्य होने का मुख्य कारण अवैध खनन और खनिज राजस्व की चोरी को रोकना है। सरकार ने ₹60 प्रति मीट्रिक टन की फीस निर्धारित की है, जो इस पास को प्राप्त करने के लिए चुकानी होगी।
पकड़े गए ट्रकों पर लगा भारी जुर्माना
नए नियम लागू होने के तुरंत बाद ही इसकी सख्ती देखने को मिली है। भागलपुर जिले में बिना ISTP के प्रवेश कर रहे 8 ट्रकों को पकड़ा गया है। इन ट्रकों पर खान एवं भूतत्व विभाग ने कुल 66 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि सरकार इस नए नियम को लेकर कितनी गंभीर है और किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नए नियम से किसे होगा फायदा?
इस नियम से राज्य सरकार को सीधा फायदा होगा, क्योंकि इससे खनिज राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध खनन पर रोक लगेगी। यह नियम उन वैध व्यापारियों और खनन कंपनियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा, जो ईमानदारी से काम करते हैं, क्योंकि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा का माहौल बेहतर होगा। साथ ही, खनिजों की उपलब्धता और कीमतों में भी पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
इस नए नियम से न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, बल्कि अवैध खनन और खनिजों की कालाबाजारी पर भी प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। सरकार का यह कदम खनिज संसाधनों के उचित और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।







