Kothram Power Substation: गौड़ाबौराम के बगरासी पंचायत स्थित कोठराम गांव में एक महत्वपूर्ण 33/11 क्षमता वाले पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य रविवार को शुरू हुआ है। हालांकि, इस परियोजना को लेकर पहले ही दिन से गंभीर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण स्थल पर विभागीय अभियंताओं की अनुपस्थिति और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों ने परियोजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
जंग लगी सरिया और घटिया सीमेंट, क्या ऐसे बनेगा बिजली घर?
निर्माण स्थल पर जंक लगी हुई 10-12 एमएम की सरिया, लोकल बालू और घटिया किस्म के सीमेंट का स्टॉक खुले मैदान में बिखरा पड़ा मिला है। यह सामग्री निर्माण की गुणवत्ता पर सीधे सवाल उठा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी सामग्री से बनने वाला पावर सब स्टेशन कितना सुरक्षित और टिकाऊ होगा, यह चिंता का विषय है। एनबीपीडीसीएल के भवन निर्माण कार्य विभाग की देखरेख में शुरू किए गए इस पीएसएस कोठराम के निर्माण का जिम्मा छत्तीसगढ़ की ‘ओम बिल्डर्स’ नामक एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। हैरत की बात यह है कि निर्माण स्थल पर कंपनी या परियोजना से संबंधित कोई साइनबोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल हो रहा है।






प्रभारी कंस्ट्रक्शन कंपनी ओम बिल्डर्स के कर्ताधर्ता हेमंत शर्मा ने बताया, ‘निर्माण कार्य अगले नवंबर माह तक पूरा करने का विभागीय निर्देश है। काम पूरा होने के बाद भवन की दीवार पर योजना से संबंधित सभी विवरण अंकित कर दिए जाएंगे।’
2025 का लक्ष्य, जून 2026 में शुरुआत: आखिर क्यों हुई इतनी देरी?
कोठराम में इस पावर सब स्टेशन के निर्माण का कार्य मूल रूप से वर्ष 2025 में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, यह कार्य अब जून 2026 में शुरू किया गया है, जो एक बड़ी देरी को दर्शाता है। यह विलंब परियोजना की लागत और स्थानीय लोगों को बिजली आपूर्ति के लाभ से वंचित होने का कारण बन रहा है। एक तरफ देरी, दूसरी तरफ घटिया सामग्री का इस्तेमाल, दोनों ही स्थितियां परियोजना के उद्देश्य पर भारी पड़ रही हैं। विभागीय उदासीनता और ठेकेदार की मनमानी से यह महत्वपूर्ण परियोजना विवादों में घिरती नजर आ रही है। स्थानीय प्रशासन और एनबीपीडीसीएल को इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और परियोजना समय पर पूरी हो सके।
उम्मीद यही है कि कोठराम पावर सब स्टेशन का निर्माण पूरी गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा। यह परियोजना गौड़ाबौराम और आसपास के हजारों उपभोक्ताओं के लिए बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो सकती है। यदि विभाग समय रहते स्थानीय लोगों की शिकायतों और आशंकाओं का संज्ञान लेकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करे, तो यह पावर सब स्टेशन क्षेत्र के विकास, उद्योग, शिक्षा और किसानों की जरूरतों को नई ऊर्जा देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित एजेंसियां जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करें।








