Rajgir Mob Lynching: हाल ही में नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र में हुई मॉब लिंचिंग की खौफनाक वारदात के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित गंजपर गांव पहुंचे। सांसद ने राजगीर मॉब लिंचिंग मामले में बेरहमी से मारे गए दोनों दलित युवकों के पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
इस संवेदनशील मौके पर पप्पू यादव ने पीड़ित परिवारों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही, उन्होंने भविष्य में हर संभव कानूनी और सामाजिक मदद का पूरा भरोसा दिलाया।






चोरी के आरोप में भीड़ ने ले ली थी दो दलित युवकों की जान
पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, 15 जून को राजगीर थाना क्षेत्र के झुनकिया बाबा मंदिर के पास एक जघन्य घटना हुई थी। वहां मंदिर में चोरी करने के आरोप में उग्र भीड़ ने दो दलित युवकों को बंधक बना लिया था और उनकी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस बर्बर पिटाई के कारण दोनों युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही पूरे नालंदा जिले में तनाव बना हुआ था और स्थानीय पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लग गए थे।
15 नामजद में से सिर्फ 4 की गिरफ्तारी पर भड़के पप्पू यादव
पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद गंजपर गांव में पत्रकारों से बात करते हुए सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और पुलिस कप्तानों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिहार में दलित, महादलित, यादव और समाज के अन्य कमजोर तबकों पर अत्याचार और हिंसा लगातार बढ़ रही है।
सांसद पप्पू यादव ने पुलिस रिकॉर्ड्स का जिक्र करते हुए कहा, ‘इस जघन्य वारदात में लगभग 15 लोग नामजद और सक्रिय थे, लेकिन घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने केवल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। यह धीमी कार्रवाई साफ तौर पर पुलिस की मंशा और मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाती है।’
‘गुंडाराज’ का आरोप, संसद तक न्याय की लड़ाई का संकल्प
पप्पू यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि बिहार में अपराधियों और कानून को हाथ में लेने वालों का मनोबल प्रशासन की सुस्ती के कारण चरम पर है और राज्य में ‘गुंडाराज’ जैसी भयावह स्थिति बन गई है। उन्होंने हाल ही में विभिन्न मंदिरों में हुई चोरियों का हवाला देते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताया।
सांसद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि वे इस संवेदनशील मामले को शांत नहीं होने देंगे और इसे सड़क से लेकर देश की संसद तक जोरदार तरीके से उठाएंगे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने की भी बात कही। इस मौके पर मौजूद नेता राजू दानवीर ने भी राजगीर मॉब लिंचिंग की इस क्रूर घटना की तीखी निंदा की और प्रशासन से मांग की कि स्पीडी ट्रायल चलाकर सभी दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।








