Bihar Muharram: मुहर्रम 2026 से पहले बिहार में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। राज्य सरकार ने पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बिना लाइसेंस के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। इसके साथ ही, डीजे बजाने, भड़काऊ गाने चलाने और सांप्रदायिक नारेबाजी करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सभी जिलाधिकारियों (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया गया है।






मुहर्रम 2026: इन नियमों का करना होगा पालन
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों के प्रमुख अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समितियों की बैठकें आयोजित करने और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि डीजे पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थिति में भड़काऊ संगीत या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले नारों की अनुमति नहीं होगी।
शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
बिहार सरकार ने मुहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों के लिए भी कड़े नियम तय किए हैं। बिना पूर्व अनुमति या लाइसेंस के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। जुलूस के रूट और समय का निर्धारण पहले ही करना होगा और उसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जाएगी और उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा। यह व्यापक तैयारी सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि मुहर्रम पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त करें और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सक्रिय रहें। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
इन सख्त निर्देशों के साथ, बिहार सरकार का लक्ष्य है कि मुहर्रम 2026 के दौरान राज्यभर में किसी भी तरह की अशांति न फैले। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करें ताकि पर्व के दौरान सुरक्षा और सद्भाव कायम रहे।








