Bihar Flood Preparedness: संभावित बाढ़ और सूखे की चुनौतियों से निपटने के लिए बिहार में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 22 जून 2026 को मुंगेर और भागलपुर प्रमंडल के आठ जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने की, जिसमें सभी संबंधित जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा ने भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय और शेखपुरा जिलों द्वारा की गई तैयारियों का बिंदुवार जायजा लिया। इस दौरान वर्षा मापक यंत्रों के संचालन की स्थिति, संकटग्रस्त व्यक्तियों की पहचान, तटबंधों की सुरक्षा और नियंत्रण कक्ष की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई।






आपदा राहत के लिए पुख्ता इंतजाम
बैठक में राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। नावों की उपलब्धता, तैयार खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया और चयनित एजेंसियों का विवरण, पॉलिथीन शीट्स की व्यवस्था, चिन्हित बाढ़ आश्रय स्थलों की तैयारी और सामुदायिक रसोई की संख्या व संचालन की रूपरेखा पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सभी तैयारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की स्थिति में कोई भी व्यक्ति मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा प्राथमिकता
आयुक्त महोदय ने निर्देश दिया कि संभावित आपदा की स्थिति में विशेष रूप से संकटग्रस्त व्यक्तियों, जिनमें दिव्यांगजन, निराश्रित व्यक्ति, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति, बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती महिलाएँ एवं धात्री माताएँ शामिल हैं, की पूर्व पहचान सुनिश्चित की जाए तथा उनके लिए आवश्यक सहायता एवं राहत की समुचित व्यवस्था की जाए।
यह निर्देश दर्शाता है कि प्रशासन सबसे कमजोर तबके के लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। इसके अतिरिक्त, आवश्यक मानव दवाओं की उपलब्धता, मोबाइल मेडिकल टीम और मेडिकल कैंप की तैयारी, पशु चारा और पशु औषधियों की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, महाजाल की स्थिति और सड़कों की मरम्मत जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई।
जिलाधिकारियों को समयबद्ध तैयारी का निर्देश
बैठक में जिला परिवहन योजना के गठन, आकस्मिक फसल योजना, संपूर्ति पोर्टल के अद्यतीकरण, नोडल पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और जनरेटर एवं पेट्रोमैक्स की व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण कर ली जाएँ।
आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि आपदा की स्थिति में आमजन को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सके।
इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित होने से आपदा के दौरान आमजन को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकेगा और राहत एवं बचाव कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। यह कदम Bihar Flood Preparedness को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल है।








