Darbhanga DMCH: बिहार के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक दरभंगा डीएमसीएच में सोमवार को गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। अस्पताल के सर्जिकल बिल्डिंग स्थित इमरजेंसी विभाग में लगभग आधे घंटे तक बिजली गुल रही, जिसके कारण डॉक्टरों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। बिजली जाने से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
मोबाइल टॉर्च की रोशनी में होता रहा इलाज
जानकारी के अनुसार, दिन के लगभग 11:10 बजे सर्जिकल बिल्डिंग के एक हिस्से में अचानक बिजली चली गई। इसमें इमरजेंसी विभाग का ट्राइज एरिया, ऑर्थो, सर्जरी इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर यूनिट जैसे महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावित हुए। करीब पाँच-सात मिनट तक इंतजार के बाद अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। बिजली मिस्त्री को तुरंत मौके पर भेजा गया, लेकिन फॉल्ट ढूंढने में काफी समय लगा। इस दौरान सर्जरी और ऑर्थो इमरजेंसी में डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी के सहारे मरीजों को देखा और उनका प्राथमिक इलाज किया। गलियारे में भी लोग मोबाइल टॉर्च की मदद से इधर-उधर आते-जाते दिखे।






सर्किट डायग्राम न मिलने से बढ़ी मुश्किल
लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद दिन के करीब 11:45 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी, जिसके बाद डॉक्टर और मरीजों ने राहत की सांस ली। डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा ने इस घटना पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि सर्किट में फॉल्ट आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी।
डॉ. अमित कुमार झा ने कहा, “सर्किट में फॉल्ट आ जाने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। भवन की निर्माण एजेंसी ने अस्पताल के बिजली विभाग को सर्किट डायग्राम उपलब्ध नहीं कराया है। इस वजह से फॉल्ट ढूंढने में परेशानी हो रही है। एजेंसी से जल्द से जल्द सर्किट डायग्राम की मांग की गई है। सर्किट डायग्राम उपलब्ध हो जाने पर इस तरह की परेशानी नहीं होगी।”
उपाधीक्षक ने बताया कि भवन का निर्माण करने वाली एजेंसी ने अभी तक अस्पताल के बिजली विभाग को पूरे भवन का सर्किट डायग्राम उपलब्ध नहीं कराया है। इसी वजह से फॉल्ट ढूंढने में काफी परेशानी हुई और बिजली बहाल करने में देरी हुई। अस्पताल प्रशासन ने निर्माण एजेंसी से जल्द से जल्द सर्किट डायग्राम उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके और मरीजों को परेशानी न हो।







