Bihar Monsoon: अगले 24 घंटों के भीतर बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। लखीसराय के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है, जबकि राजधानी पटना सहित अन्य कई जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में 28 जून तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। उत्तरी बिहार, सीमांचल और कोसी क्षेत्रों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, दक्षिणी बिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।






बारिश के बाद अगले 48 घंटों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
नेपाल में बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर, बाढ़ का खतरा
पड़ोसी देश नेपाल में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को कोसी बैराज से लगभग 91,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे सुपौल जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पिछले 24 घंटों का मौसम: कहां कितनी बारिश और तापमान?
पिछले 24 घंटों में पटना में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान बक्सर और कैमूर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। नालंदा, शेखपुरा, गोपालगंज, लखीसराय, बेतिया और कैमूर सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। पटना की एजी कॉलोनी में सोमवार शाम हल्की बारिश हुई, जबकि लखीसराय में भारी वर्षा हुई। नालंदा में तेज बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति बन गई।
किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में आसमान सामान्य तौर पर बादल छाए रहे।
जिलेवार मौसम पूर्वानुमान: कब कहां होगी बारिश?
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए जिलेवार पूर्वानुमान जारी किया है:
| दिनांक | संभावित मौसम | प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
| 23 जून | भारी बारिश | लखीसराय, मुंगेर, जमुई, भागलपुर और आसपास के क्षेत्र |
| हल्की बारिश | पटना, भोजपुर और कई दक्षिणी जिले | |
| आसमान में बादल | पूरे बिहार में | |
| 24 जून | हल्की बारिश, तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) | अधिकांश जिले |
| 25 जून | भारी बारिश | अररिया, किशनगंज और सुपौल |
| हल्की बारिश | पटना | |
| 26 जून | भारी बारिश | पूर्वी और पश्चिमी चंपारण |
| मध्यम से भारी बारिश | पटना और आसपास के क्षेत्र |
यह पूर्वानुमान किसानों और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे अपनी दैनिक गतिविधियों और कृषि कार्यों की योजना बना सकें।
बिहार में कब पूरी तरह सक्रिय होगा मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा बिहार तक पहुंच गई है, लेकिन राज्य भर में इसका प्रभाव अभी भी असमान बना हुआ है। वर्तमान में बारिश की गतिविधियां बिखरी हुई हैं।
इसका मुख्य कारण पंजाब से बिहार तक फैली मौसमी गर्त रेखा और निचले स्तर पर चलने वाली पछुआ हवाएं हैं, जो बंगाल की खाड़ी से दक्षिणी बिहार में नमी के प्रवाह को रोक रही हैं। पर्याप्त नमी की कमी के कारण बड़े पैमाने पर बादल नहीं बन पा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई जिलों में कमजोर और अनियमित बारिश हो रही है।
पिछले दो हफ्तों में देश के कुछ हिस्सों में भी मानसून की धीमी प्रगति देखी गई है, हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने मानसून की गतिविधियों में फिर से तेजी आने के संकेत दिए हैं।
पूर्वानुमानों के मुताबिक, 24 से 26 जून के बीच मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होने की उम्मीद है, जिससे कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। 27 और 28 जून के बीच मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे राज्य में व्यापक वर्षा होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह मजबूत होता है और पछुआ हवाएं कमजोर पड़ती हैं, तो बिहार में पूर्ण मानसून की वापसी हो सकती है, जिससे नियमित बारिश, गर्मी से राहत और कृषि के लिए बेहतर स्थिति बनेगी।








