Bihar Agriculture University: बिहार के भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में राष्ट्रीय आम समागम सह कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादक किसानों ने भाग लिया। ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने इस दौरान किसानों से मुलाकात कर उनके अथक प्रयासों की सराहना की।
समागम में किसानों ने अपने बागानों में तैयार की गई आम की अलग-अलग और दुर्लभ प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई। यह आयोजन आम की नई किस्मों, आधुनिक खेती की तकनीकों और बेहतर उत्पादन को लेकर गहन चर्चा का मंच बना। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि पद्धतियों से जोड़ना और राज्य में आम की खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।






किसानों की मेहनत को मिली पहचान
मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय आम समागम में पहुंचे किसानों के समर्पण की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे किसान समाज और कृषि क्षेत्र दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मंत्री ने उनके प्रयासों को बधाई के पात्र बताया, जो अपने बागानों में विविध प्रकार के आमों का उत्पादन कर रहे हैं।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘इस समागम में पहुंचे किसान आम के प्रति समर्पित हैं और अपने बगीचों में अलग-अलग प्रजाति के आमों का उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे किसान समाज और कृषि क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं और बधाई के पात्र हैं।’
आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन पर जोर
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति दुनिया राम सिंह, भागलपुर के सांसद अजय मंडल और जदयू नेता सुड्डू साईं सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने आम की खेती में नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। कार्यशाला का मुख्य फोकस आम उत्पादन में नई तकनीकों का समावेश कर किसानों की आय बढ़ाना है।
दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम का सीधा लक्ष्य किसानों को आधुनिक कृषि विधियों से परिचित कराना और उन्हें आम की खेती को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित करना है। इससे न केवल आम का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी। यह पहल बिहार में कृषि क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।








