Bihar Gas Godown: बिहार के भागलपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मधुसुदनपुर इलाके में स्थित अजय इंडेन गैस एजेंसी का एक अवैध गोदाम रात के अंधेरे में ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई तब हुई जब 3 जुलाई को इस गोदाम की दोबारा मापी होनी थी। इस घटना ने प्रशासन और गैस एजेंसी के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, अजय इंडेन गैस एजेंसी का गोदाम जिस जमीन के खाता-खेसरा पर पास हुआ था और जिसके लिए पेसो लाइसेंस मिला था, उस पर गोदाम बना ही नहीं था। इसकी पोल तब खुली जब जमीन मालिक शिवम कुमार भारती ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब मजिस्ट्रेट जांच हुई, तो पता चला कि लाइसेंस वाली जमीन पर तो बाग-बगीचा लगा है, जबकि गोदाम किसी और की लीज पर ली गई जमीन पर चल रहा था।






कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
जमीन मालिक शिवम कुमार भारती ने बताया कि उन्होंने साल 2012 में अपनी जमीन (खाता-64, खेसरा-39, रकवा-9000 वर्गफीट, मौजा महमदपुर) एजेंसी संचालक सोनी कुमारी को लीज पर दी थी। इसी जमीन पर गैस गोदाम पास हुआ और कंपनी से पेसो लाइसेंस भी मिल गया। लेकिन सोनी कुमारी ने इस जमीन पर गोदाम नहीं खोला। इसके बजाय, उन्होंने धर्मेंद्र कुमार सिंह से लीज पर ली गई दूसरी जमीन (खाता-66, खेसरा-9, मौजा बहबलपुर) पर गोदाम बना लिया।
शिवम भारती के अनुसार, उन्होंने जो जमीन लीज पर दी थी, उस पर अभी भी बगीचा लगा हुआ है। इस अनियमितता की शिकायत उन्होंने इंडेन कंपनी से की। कंपनी के आग्रह पर नाथनगर के अंचल अधिकारी (सीओ) रजनीश कुमार ने मापी कराई। आरोप है कि अंचल अमीन ने गलत मापी रिपोर्ट सीओ को दी, और उसी आधार पर सीओ ने भी गैस कंपनी के अधिकारी को गलत रिपोर्ट सौंप दी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि जिस जमीन पर गोदाम पास हुआ है, उस पर एजेंसी संचालक का दखल कब्जा है और गोदाम निर्मित है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
शिवम भारती जब इस गलत रिपोर्ट के खिलाफ डीएम, एडीएम और एसडीओ के पास पहुंचे, तो अनुमंडल कार्यालय से जांच के लिए एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में पाया कि जिस जमीन पर गोदाम पास हुआ था और पेसो लाइसेंस मिला था, वहां वास्तव में बाग-बगीचा लगा है। इसके बाद, सीओ की गलत मापी के खिलाफ 3 जुलाई को जगदीशपुर और गोराडीह के अमीन को दोबारा मापी के लिए नियुक्त किया गया।
अजय इंडेन के संचालक और पार्टनर अजय भारती को जब दोबारा मापी की भनक लगी, तो बीते गुरुवार की रात उन्होंने उक्त जमीन पर बने अवैध गोदाम को रातोंरात ध्वस्त करवा दिया। सारे सिलेंडर नए पास हुए गोदाम भतौड़िया में शिफ्ट कर दिए गए। शिवम भारती ने मधुसुदनपुर थानेदार को इसकी शिकायत भी की थी।
नाथनगर अंचल अधिकारी रजनीश कुमार ने इस संबंध में कहा, “उक्त जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए थानेदार को निर्देश दिया गया था। गोदाम कैसे ध्वस्त हुआ इसकी जानकारी नहीं है।”
मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने बताया, “मैंने सीओ को इसकी जानकारी दी थी, पुलिस ने वहां पर जाकर काम भी रोका था। पुलिस के हटने के बाद उन लोगों ने गोदाम को ध्वस्त किया होगा।”
शिवम भारती ने सीओ और अमीन की शिकायत डीएम से भी की है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर तब जब पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध गोदाम को ध्वस्त कर दिया गया। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और दोषियों पर कब तक नकेल कसी जाती है।








