Patna Rahul Gandhi: देश में गहराते युवा संकट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना आ रहे हैं। वे यहां एक छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जो पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की महंगी होती लागत जैसे मुद्दों पर युवाओं की आवाज़ उठाना है। राहुल गांधी ने पार्टी के महासचिवों, प्रभारियों, प्रदेश अध्यक्षों और अन्य आनुषांगिक संगठनों के प्रमुखों को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण पहल में पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया है।
कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI और इंडियन यूथ कांग्रेस मिलकर ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चला रही हैं। इस अभियान के तहत युवाओं की समस्याओं को देशभर में उजागर किया जा रहा है। राहुल गांधी का पटना दौरा इसी कड़ी में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां वे सीधे छात्रों से संवाद करेंगे और उनकी चिंताओं को सुनेंगे।






पेपर लीक से हताशा और 23 छात्रों की आत्महत्या का दर्द
बिहार कांग्रेस के सूचना एवं पत्राचार विभाग के प्रभारी असित नाथ तिवारी ने युवाओं के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक 23 बच्चों ने आत्महत्या कर ली है।
असित नाथ तिवारी ने कहा, ‘नीट का पेपर लीक होने के बाद से देश के अलग-अलग हिस्सों में अब तक के 23 बच्चों ने आत्महत्या की है। उनके माता-पिता का दर्द समझने की क्या कोई कोशिश करेगा। देश के शिक्षा मंत्री तो उन बच्चों को उपद्रवी बता रहे हैं। इन सभी के लिए राहुल गांधी के अलावा कौन आवाज उठा रहा है। राहुल गांधी इस देश के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए राहुल गांधी पटना भी आ रहे हैं। यह सरकार देश के बच्चों के लिए बस फांसी के फंदे लटका रही है। खुदकुशी के रास्ते खोल रही है। इस देश के बच्चे हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।’
तिवारी ने सरकार पर युवाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया और कहा कि मौजूदा शिक्षा मंत्री छात्रों को ‘उपद्रवी’ बता रहे हैं, जबकि राहुल गांधी उनके भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सरकार बच्चों के लिए ‘फांसी के फंदे लटका रही’ है और उन्हें आत्महत्या के रास्ते पर धकेल रही है।
राहुल गांधी का युवाओं के लिए भावुक पत्र
राहुल गांधी ने अपने पत्र में भारत के युवाओं के सामने खड़े संकट को विस्तार से बताया। उन्होंने पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, बार-बार री-एग्जाम, भर्ती में देरी, सरकारी पदों की कमी, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत को प्रमुख समस्याओं के रूप में रेखांकित किया।
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, ‘भारत के युवा संकट का सामना कर रहे हैं। पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना, बार-बार री-एग्जाम, भर्ती में देरी, सरकारी पदों की कमी, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा की बढ़ती लागत ने उन्हें और उनके परिवारों को गहरी पीड़ा पहुंचाई है। कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ रैली में, मैंने हमारी शिक्षा प्रणाली पर चर्चाओं की एक सीरीज शुरू की। हम सभी जानते हैं कि यह एक ऐसी प्रणाली है जो युवाओं पर दबाव डालती है और उनके परिवारों को कर्ज, तनाव और पीड़ा के दुष्चक्र में धकेल देती है, बजाय इसके कि उन्हें अपने करियर के रास्ते चुनने और अपने लिए एक मजबूत भविष्य बनाने में सहायता प्रदान करे। हमें भारत के युवाओं के शोषण की सच्चाई को उजागर करने की आवश्यकता है। मैं आप सभी से निवेदन करता हूं कि इंडियन यूथ कांग्रेस और NSUI द्वारा देश भर में चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के सफल इमप्लिमेंटेशन के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग प्रदान करें। आइए हम सब मिलकर अपने युवाओं को इस दमनकारी व्यवस्था से मुक्त करें और एक ऐसी नई व्यवस्था की नींव रखें जो उन्हें वे अवसर और समर्थन प्रदान करे जिसके वे हकदार हैं।’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली युवाओं पर भारी दबाव डालती है और उन्हें कर्ज, तनाव और पीड़ा के दुष्चक्र में धकेल देती है। राहुल गांधी ने सभी पार्टी सदस्यों से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की है, ताकि युवाओं को इस ‘दमनकारी व्यवस्था’ से मुक्ति दिलाई जा सके और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकें। यह सम्मेलन युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक बड़ा प्रयास होगा।








