Patna Coaching: पटना के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां अब इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी निःशुल्क कराई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि देवपद शहीद स्मारक (मिलर हाई स्कूल) में यह मुफ्त कोचिंग सुविधा शुरू की जाएगी, जिसका लाभ किसी भी स्कूल के छात्र उठा सकेंगे। इस पहल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।







शनिवार को मिलर हाई स्कूल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इस संस्थान को एक आदर्श मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्कूल पूरे बिहार के लिए एक मानक स्थापित करेगा, जिससे राज्यभर में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मुफ्त कोचिंग का लाभ कैसे मिलेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि जेईई (JEE), नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग कक्षाएं नियमित स्कूल घंटों के बाद शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक संचालित की जाएंगी। यह कार्यक्रम कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए होगा, चाहे वे किसी भी स्कूल में नामांकित हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस संस्थान के व्यापक विकास के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार करें और इसे तेजी से लागू करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्मार्ट क्लासरूम विकसित करने, प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पुस्तकालय का विस्तार करने और खेल के मैदान व खेल सुविधाओं को उन्नत करने का निर्देश दिया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्कूल
निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री ने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें स्कूल की स्मार्ट स्टीम (STEAM), रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रयोगशालाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से बातचीत की और एक मॉडल स्कूल के रूप में संस्थान को मजबूत करने के लिए सुझाव मांगे।
सम्राट चौधरी ने यह भी निर्देश दिया कि मिलर स्कूल के खेल के मैदान में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए और स्कूल के समग्र विकास योजना के तहत परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाए। सरकार के अनुसार, बेहतर बुनियादी ढांचा और आधुनिक शैक्षिक संसाधनों तक पहुंच से छात्रों के समग्र विकास में सहायता मिलेगी और वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो पाएंगे।
बिहार में शिक्षा के स्तर में सुधार का लक्ष्य
इस योजना से न केवल पटना, बल्कि पूरे बिहार के छात्रों को लाभ मिलेगा, जो आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते हैं। मुफ्त कोचिंग की सुविधा से उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा और राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के अंत में स्कूल परिसर में स्थित शहीद देवपद चौधरी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।
यह कदम बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिससे अधिक से अधिक छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि आने वाले समय में बिहार से इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में अधिक प्रतिभाएं निकलेंगी।









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